बॉलीवुड अभिनेता सूरज पंचोली एक बार फिर चर्चा में हैं. अभिनेत्री जिया खान की मौत के मामले में अदालत से बरी होने के बावजूद, जब कुछ प्लेटफॉर्म्स पर इस केस को आज भी ‘अनसुलझा’ या विवादास्पद बताया गया, तो सूरज का दर्द और गुस्सा सोशल मीडिया पर छलक पड़ा. उन्होंने साफ कहा कि जिंदगी के 14 अहम साल बेगुनाही साबित करने में बीत गए, फिर भी बार-बार कठघरे में खड़ा किया जाना बेहद पीड़ादायक है.
‘करियर का पूरा समय कोर्ट-कचहरी में बीता’
सूरज पंचोली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक और लंबा नोट शेयर किया है. उन्होंने लिखा, ‘जब यह दुखद हादसा हुआ, तब मेरी उम्र महज 20 साल थी. मैं जिया को सिर्फ चार महीने से जानता था. उस उम्र में मुझमें इतनी समझ या परिपक्वता नहीं थी कि किसी इंसान के अंदर छिपे मानसिक तनाव या दर्द को भांप पाता.’
सूरज ने आगे कहा कि इस हादसे के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. अपने 20वें और 30वें दशक का सबसे कीमती समय, जो करियर बनाने के लिए होता है, उन्होंने सिर्फ कोर्ट-कचहरी और अपनी ईमानदारी साबित करने में गंवा दिया.
‘चुप हूं तो यह मतलब नहीं कि…’
अपनी लंबी चुप्पी पर बात करते हुए सूरज ने लिखा कि उन्होंने जिया खान के निजी संघर्षों और तकलीफों को कभी जगजाहिर नहीं किया, ताकि जिया की निजता और सम्मान बना रहे. लेकिन उनकी इस चुप्पी का मतलब यह नहीं है कि कोई भी उनके बारे में कुछ भी लिखकर चला जाए.
उन्होंने मीडिया और लोगों से अपील की कि अगर वे इस केस पर बात करते हैं, तो पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और तथ्यों के साथ बात करें.
2023 में कोर्ट से मिल चुकी है क्लीन चिट
गौरतलब है कि 3 जून 2013 को जिया खान अपने मुंबई वाले फ्लैट में मृत पाई गई थीं. जिया की मां ने सूरज पंचोली पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था. हालांकि, एक लंबे कानूनी संघर्ष के बाद अप्रैल 2023 में विशेष सीबीआई अदालत ने सबूतों के अभाव और तथ्यों के आधार पर सूरज पंचोली को सभी आरोपों से बरी कर दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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