Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर इंटरनेट यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई है. वीडियो में कुछ लोग एक मस्जिद की मीनार पर चढ़कर उस पर भगवा झंडा लगाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये दिल्ली की कोई हालिया यानी अभी की घटना है. लोग इसे देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रहे हैं. लेकिन क्या ये दावा वाकई में सच है आइए जानते है.
क्या है वायरल हो रहा दावा?
दरअसल, 24 मई 2026 को एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट किया. कैप्शन में लिखा गया, ‘मोदी के भारत में अल्पसंख्यकों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है. स्थान: दिल्ली.’
देखते ही देखते इस वीडियो को 2 लाख से ज्यादा बार देख लिया गया और लोग इसे दिल्ली की मौजूदा स्थिति मानकर धड़ल्ले से री-शेयर करने लगे.
पड़ताल में सामने आया सच
जब इस वीडियो के की-फ्रेम्स को निकालकर रिवर्स इमेज सर्च किया गया, तो कहानी पूरी तरह साफ हो गई. ये वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के दौरान का है.
साथ ही 25 फरवरी 2020 को एक पत्रकार ने भी इस वीडियो को अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया था और पुष्टि की थी कि ये घटना दिल्ली के अशोक नगर इलाके की है. उस वक्त उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान अशोक नगर की ‘बड़ी मस्जिद’ में तोड़फोड़ की गई थी और उसकी मीनार पर झंडा लगाने की कोशिश हुई थी. वहीं, एक विश्वसनीय न्यूज वेबसाइट की 25 फरवरी 2020 की एक रिपोर्ट में भी इस घटना का पूरा जिक्र है, जिसमें बताया गया था कि भीड़ ने वहां नारेबाजी की थी.
इस जांच से ये साफ हो गया कि वायरल हो रहा वीडियो पूरी तरह सच है, लेकिन इसके साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. 6 साल पुरानी घटना के वीडियो को आज का बताकर सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. इसका साल 2026 की किसी भी घटना से कोई लेना-देना नहीं है. इसलिए ऐसे किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले उ,की पुष्टि जरूर करें.
-भारत एक्सप्रेस
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