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क्या मोहन भागवत के दौरे से पहले कनाडा ने RSS पर लगाया बैन? जानें असल सच्चाई

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कनाडा सरकार ने RSS बैन लगा रखा है और साथ ही उसे आतंकवादी संस्था घोषित कर दिया है. अब सावाल यह है कि क्या वाकई में कनाडा सरकार ने कोई ऐसा कदम उठाया है.

Did Canada Ban RSS Before Mohan Bhagwat Visit

सोशल मीडिया पर इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को लेकर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत के कनाडा दौरे से ठीक पहले वहां की सरकार ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया है और उसे आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है.

लेकिन क्या वाकई में कनाडा सरकार कोई ऐसा कदम उठाया है, आइए जानते है.

क्या है सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा?

दरअसल, RSS प्रमुख मोहन भागवत अपने शताब्दी वर्ष के सिलसिले में 25 अगस्त से अमेरिका, यूके और कनाडा जैसे तीन देशों की यात्रा पर जाने वाले हैं. इसी बीच कुछ सोशल मीडिया यूजर्स फेसबुक और थ्रेड्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर फैला रहे हैं कि कनाडाई सरकार ने संघ पर बैन लगा दिया है.

पोस्ट के वायरल होने पर अन्य यूजर्स इसपर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

क्या असल सच्चाई?

पड़ताल करने पर पता चला कि कनाडा सरकार ने RSS पर ऐसा कोई भी प्रतिबंध नहीं लगाया है. असल में कनाडा की ‘न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी’ (NDP) की दो महिला सांसदों ने अपनी सरकार को पत्र लिखकर मोहन भागवत की यात्रा का विरोध किया था. उन्होंने RSS को आतंकी संगठन घोषित करने और उस पर बैन लगाने की मांग की थी. कनाडा के लगभग 267 स्थानीय संगठनों ने भी प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को पत्र लिखकर यही मांग उठाई थी.

यानी कनाडा में कुछ सांसदों और संगठनों ने बैन लगाने की मांग जरूर की थी, लेकिन कनाडाई सरकार ने इस पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है.

सुरक्षा एजेंसी की लिस्ट में नहीं है नाम

वहीं, कनाडा के सुरक्षा विभाग ‘पब्लिक सेफ्टी कनाडा‘ (Public Safety Canada) की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की लिस्ट जांची गई. इस आधिकारिक सूची में RSS का दूर-दूर तक कोई नाम दर्ज नहीं है.

इस जांच से यह साफ है कि कनाडा में संघ पर प्रतिबंध लगाने की सिर्फ मांग उठाई गई थी, जिसे सोशल मीडिया पर ‘बैन लग गया’ बताकर फैलाया जा रहा है. इसलिए किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच जरूर करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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