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Fact Check: नेपाल को हिंदु राष्ट्र घोषित करने वाला दावा फेक, वायरल वीडियो भ्रामक और झूठा

नेपाल में हाल ही में विरोधी जेन-जी आंदोलन के बाद वहां अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है. ऐसे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आंदोलन के बाद नेपाल अब एक हिंदू राष्ट्र बन चुका है.

Fact Check: नेपाल में हाल ही में विरोधी जेन-जी आंदोलन के बाद वहां अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है. ऐसे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आंदोलन के बाद नेपाल अब एक हिंदू राष्ट्र बन चुका है.

जांच करने पर क्या पता चला?

दरअसल जांच में इस दावे को गलत पाया गया है. नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन किया गया है और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. जिन्होंने संसद को भंग कर छह महीने के भीतर नए चुनाव को कराने का कहा गया है. लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान संविधान में कोई बदलाव नहीं हुआ. नेपाल अब भी एक संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य है.

जांच करते समय हमें कोई भी ऐसी रिपोर्ट नहीं मिली जो वायरल वीडियो की पुष्टि करता हो. रिपोर्ट्स के अनुसार जेन-जी आंदोलन के बाद एक अंतरीम सरकार का गठन हुआ जिसने सासद को भंग कर जल्द से जल्द नए चुनाव कराने का आदेश दिया है. आपको बता दे की अंतरीम सरकार ने इस चुनाव के लिए 6 महिनों का समय दिया है.

क्या कहता है नेपाल का संविधान ?

हमें इस मामले से जुड़ें किसी भी रिपोर्ट में नेपाल को वापस एक हिंदु राष्ट्र बनाने को लेकर कोई भी जिक्र नहीं मिला. नेपाल सरकार की ऑफिशियल साइट पर संविधान की कॉपी मिली जिसमें साफ-साफ लिखा है- “नेपाल एक स्वतंत्र, संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समावेशी, लोकतांत्रिक, समाजवाद आधारित संघीय गणराज्य है.” यानी देश की संवैधानिक स्थिति वही है, उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया.

राजनीतिक हालात

संसद भंग किए जाने के फैसले का नेपाल के बड़े राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल और माओवादी केंद्र सहित आठ दलों ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से संसद बहाल करने की मांग की है. वहीं दूसरी ओर, नेपाल में राजशाही समर्थक रैलियां भी समय-समय पर होती रही हैं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट बताती है कि यह 2008 के बाद से राजा की वापसी के समर्थन में सबसे बड़ा आंदोलन है.

किया दावा भ्रामक और गलत

नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने का दावा पूरी तरह फर्जी है. नेपाल अब भी एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य है और इसके संविधान में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

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-भारत एक्सप्रेस



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