Fact Check: IPL 2026 के रोमांच के बीच सोशल मीडिया पर आए दिन क्रिकेटर्स और टीम मालिकों से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो वायरल होते रहते हैं. लेकिन कई बार ये वायरल चीजें हकीकत से कोसों दूर होती हैं. ऐसा ही एक सनसनीखेज दावा इस समय राजस्थान रॉयल्स के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की को-ओनर काव्या मारन को लेकर किया जा रहा है. इंटरनेट पर एक तस्वीर खूब सुर्खियां बटोर रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि काव्या मारन ने मैच के बाद मैदान पर वैभव सूर्यवंशी को एक कीमती घड़ी गिफ्ट की. लेकिन इस तस्वीर की कहानी कुछ और ही निकली.
क्या हो रहा है वायरल?
दरअसल, बीती 27 मई को आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी शिकस्त देकर क्वालिफायर-2 में अपनी जगह पक्की की थी. इस मैच के हीरो रहे राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने महज 29 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलकर हैदराबाद के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं.

इस मैच के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और फेसबुक पर एक तस्वीर वायरल हो गई. तस्वीर में दिख रहा है कि काव्या मारन मैदान पर वैभव सूर्यवंशी के पास आती हैं और उन्हें अपने हाथों से एक घड़ी पहनाती हैं. लोग इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि जिस खिलाड़ी ने हैदराबाद को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया, उसकी खेल भावना से खुश होकर काव्या ने उन्हें ये खास तोहफा दिया. कुछ लोग तो यहां तक कयास लगाने लगे कि क्या काव्या अगले सीजन में वैभव को अपनी टीम में शामिल करने वाली हैं?
रिवर्स सर्च में खुली पोल
जब इस वायरल फोटो को रिवर्स इमेज सर्च टूल के जरिए खंगाला गया, तो पूरा मामला दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. असल में काव्या मारन ने वैभव सूर्यवंशी को कोई घड़ी गिफ्ट नहीं की थी. ये वायरल तस्वीर पूरी तरह से फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एडिट की गई है.
असली कहानी ये है कि 27 मई को मिली हार के बाद काव्या मारन ने गजब की खेल भावना दिखाई थी. उन्होंने मैदान पर जाकर वैभव सूर्यवंशी से मुलाकात की, उनसे मुस्कुराकर हाथ मिलाया और उनकी इस बेहतरीन पारी के लिए उन्हें बधाई दी. आईपीएल के ऑफिशियल ‘एक्स’ हैंडल पर भी इस मुलाकात का वीडियो मौजूद है, जिसमें दोनों सिर्फ हाथ मिलाते और बातचीत करते दिख रहे हैं. इसी वीडियो के एक खास फ्रेम को उठाकर एआई (AI) तकनीक के जरिए एडिट किया गया और हाथ मिलाने वाले हिस्से को घड़ी पहनाने वाले दृश्य में बदल दिया गया.
इस जांच से ये साफ हो गया है कि वारल हो रही तस्वीर और उससे किया जा रहा दावा भ्रामक और फेक है.
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-भारत एक्सप्रेस
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