Bharat Express DD Free Dish

मां की ममता या सोशल मीडिया का झूठ? जानें लखनऊ अग्निकांड के नाम से बच्चे को लटकाने वाले वीडियो का सच

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला खिड़की से बच्चे को लटकाकर आग से बचाती दिख रही है. लेकिन इस वीडियो का असल सच कुछ और ही है.

Fact Check Viral Video Of Baby Being Saved From Window Is From US Not Lucknow

Fact Check: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में बीते 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की असमय मौत हो गई. इस दुखद घटना के बीच, सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और रोंगटे खड़े कर देने वाला 15 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि एक जलती हुई बहुमंजिला इमारत की खिड़की से एक महिला अपने छोटे से बच्चे को बाहर हवा में लटकाए हुए है, ताकि उसे आग और धुएं से बचाया जा सके.

इंटरनेट पर लोग इसे ‘मां की ममता की ताकत’ बताते हुए लखनऊ के अलीगंज हादसे का असली वीडियो मानकर धड़ाधड़ शेयर कर रहे हैं. लेकिन जब हमारी टीम ने इस वीडियो की बारीकी से पड़ताल की, तो सच कुछ और ही निकला.

सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा है दावा?

फेसबुक के एक यूजर ने 23 जून 2026 को इस वीडियो को पोस्ट करते हुएभावुक कैप्शन लिखा. उन्होंने लिखा, ‘निःशब्द आज की घटना… जिसमें ये मां की ममता की ताकत ऐसी होती है कि मौत सामने हो तब भी वो अपने बच्चे की जान बचाने के लिए हर हद पार कर जाती है.’ इसके साथ उन्होंने #LucknowNews और #FireAccident जैसे हैशटैग का भी इस्तेमाल किया. इस भावुक वीडियो को सच मानकर हजारों लोग अब तक शेयर और लाइक कर चुके हैं.

पड़ताल में खुला झूठ

वीडियो के मुख्य हिस्सों (कीफ्रेम्स) को निकाला और गूगल लेंस टूल के जरिए इंटरनेट पर सर्च किया गया, तो इस वीडियो की पूरी सच्चाई सामने आई. असल में ये वीडियो न तो लखनऊ का है और न ही साल 2026 का है. ये घटना आज से करीब 16 साल पहले, यानी फरवरी 2010 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के ब्रोंक्स इलाके में हुई थी.

विदेशी मीडिया वेबसाइट्स की फरवरी 2010 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रोंक्स के एक अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर भीषण आग लग गई थी. उस वक्त घर में मौजूद 18 साल की लड़की वैनेसा स्कॉट ने अपनी 7 महीने की चचेरी बहन ‘जानिवा’ को धुएं से दम घुटने से बचाने के लिए खिड़की से बाहर सुरक्षित लटका दिया था, ताकि बच्ची खुली हवा में सांस ले सके. बाद में अमेरिकी फायरफाइटर्स ने मौके पर पहुंचकर बच्ची और उस लड़की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था. इसी पुरानी घटना के वीडियो को अब लखनऊ का बताकर अफवाह फैलाई जा रही है.

अलीगंज हादसे की वर्तमान स्थिति?

अगर लखनऊ के असली हादसे की बात करें, तो अलीगंज की एक अवैध व्यावसायिक इमारत में लगी इस आग में 15 लोगों की जान गई थी. डॉक्टरों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये साफ हो गया है कि सभी मौतों की मुख्य वजह आग से जलना नहीं, बल्कि इमारत में भरे जहरीले धुएं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण दम घुटना था.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) बना दी गई है. वहीं, पुलिस ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. इनमें बिल्डिंग का मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन का संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट क्लिनिक का मालिक रामकृष्ण उपाध्याय और नेटवर्किंग कर्मचारी सुरेश कुमार शामिल हैं.

इस जांंच से यह साफ है कि लखनऊ में हादसा बेहद दुखद था, लेकिन उसके नाम पर जो खिड़की वाला वीडियो वायरल किया जा रहा है, उसका भारत या लखनऊ से कोई लेना-देना नहीं है. वह अमेरिका का एक पुराना वीडियो है. इसलिए ऐसी भ्रामक खबरों को बिना जांचे शेयर न करें.

ये भी पढ़ें: Fact Check: क्या केंद्र सरकार पर सवाल उठाता CRPF जवान का वायरल वीडियो असली है?

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read