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‘जमीन पर बैठकर बात करने लगे अफसर’, जानें रांची छात्र प्रदर्शन के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई

रांची में JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र प्रदर्शन के नाम पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

Fact Check Dhanbad BBMKU Video Shared As Ranchi JPSC JSSC Protest

Ranchi Student Protest vIral Video Fact Check:  के जंतर मंतर के बाद रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जोरो से चल रहा है. यहा के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक को लेकर परीक्षाओं में सुधार की मांग कर रहे है. प्रदर्शन के वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर दिख रहे है. इसी बीच एक वीडियो इसी प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

क्या है वायरल दावा?

दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया है. वीडियो को साझा करते हुए यूजर ने कैप्शन में लिखा कि सोशल मीडिया पर वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा  है कि Gen Z की ताकत देखिए! झारखंड के रांची में JPSC और JSSC परीक्षा विसंगतियों के खिलाफ पिछले 13 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने प्रशासन के सामने भी अपनी एकजुटता दिखाई.

यूजर ने यह भी लिखा कि जब अधिकारियों ने बंद कमरे में बातचीत का प्रस्ताव रखा, तो छात्रों ने साफ कहा कि बात होगी तो सबके सामने, खुले मंच पर. आखिरकार SDO और ADM को भी प्रदर्शनकारियों के बीच जमीन पर बैठकर खुली बातचीत करनी पड़ी यही है Gen Z की ताकत एकजुट आवाज, जो सत्ता को भी संवाद के लिए झुकने पर मजबूर कर दे.’

यहा बातें वायरल हो रहे इस वीडियो में भी सुनी जा सकती है. पोस्ट होने के बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गई.

क्या है वीडियो की असल सच्चाई?

दावे वाले इस वीडियो के कीफ्रेम को निकालकर गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया गया. सर्च करने पर इस वीडियो का फुल वर्जन का यूट्यूब पर मिलता है, जिसे 28 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था. इसके अनुसार यह प्रदर्शन BBMKU का है, जहां छात्र केंद्रीय लाइब्रेरी के लिए 77 करोड़ के फंड को लेकर प्रदर्शन कर रहे है.

इसके अलावा जांच में एक प्रतिष्ठित मीडिया ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट भी मिली. इसके अनुसार यह प्रदर्शन ऑल-इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने की थी. उनके अनुसार लंबे समय से छात्रों के लंबित विभिन्न मांगों में यूनिवर्सिटी देरी कर रही थी, जिसके कारण उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा.

वहीं यूनिवर्सिटी का कहना है कि वह केंद्रीय पुस्तकालय के लिए चरणबद्ध तरीके से प्रयास कर रही है. यूनिवर्सिटी के आश्वासन के बाद यह विरोध प्रदर्शन बंद कर दिया गया था.

इस जांच से यह साफ है कि रांची छात्र प्रदर्शन के नाम से वायरल हो रहा यह वीडियो रांची के प्रदर्शन का नहीं है. इसलिए ऐसी किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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