Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस 31 सेकंड के वीडियो में सीएम योगी पुलिस एनकाउंटर का पुरजोर समर्थन करते दिख रहे हैं. इंटरनेट पर लोग इसे बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर से जोड़कर शेयर कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यह योगी आदित्यनाथ की ताजा प्रतिक्रिया है. लेकिन इसकी जांच करने पर सच्चाई कुछ और ही निकली, आइए जानते है.
वीडियो में क्या कह रहे हैं CM?
वायरल हो रहे क्लिप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बोलत हुए सुना जा सकता है, ‘लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी? अगर पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए? अगर अपराधी को गोली चलाने की आजादी है, तो पुलिस को भी पिस्तौल इसीलिए दी गई है ताकि वह उसका डटकर मुकाबला करे. पुलिस की ट्रेनिंग इसी बात के लिए होती है कि अपराधी जिस भाषा में समझे, उसे उसी भाषा में समझाया जाए.’
भोजपुर एनकाउंटर से क्या है कनेक्शन?
दरअसल, बिहार के भोजपुर जिले में बीते 17 जून को पुलिस मुठभेड़ के दौरान 28 साल के भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद बिहार में सियासी घमासान मचा हुआ है और पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. इसी माहौल का फायदा उठाकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सीएम योगी के इस पुराने बयान को भरत तिवारी मामले से जोड़कर अफवाह फैलाना शुरू कर दिया.
जांच में क्या आया सामने?
जांच के अनुसार, यह वीडियो आज से चार महीने पहले यानी 3 फरवरी 2026 का है. उस वक्त लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ का आयोजन हुआ था. इसी कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री योगी ने सूबे में अपराधियों के खिलाफ जारी पुलिस एक्शन का बचाव करते हुए यह बात कही थी.
इस कार्यक्रम का पूरा लाइव वीडियो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आज भी मौजूद है. इसके अलावा, कई मुख्यधारा की मीडिया वेबसाइट्स ने भी 3 फरवरी को इस बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.
इस जांच से ये साफ है कि वायरल वीडियो और उसके साथ किया जा रहा दावा पुराना है जिसे भामक रूप से फैलाया जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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