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क्या CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में उतरे अवैध बंग्लादेशी? जानें क्या है वायरल वीडियो का सच

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जोड़ते हुए दावा किया जा रहा है कि मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) का सड़कों पर उतरकर कड़ा विरोध कर रहे हैं.

Did Illegal Bangladeshis Protest Against CEC Gyanesh Kumar In Mumbai Know Truth

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे राजनीतिक माहौल के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा. इस वीडियो से दावा किया जा रहा है कि मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) का सड़कों पर उतरकर कड़ा विरोध कर रहे हैं.

क्या हो रहा वायरल?

दरअसल, सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर चुनाव आयुक्त से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में भीड़ दिखाई देती है, जिनके हाथों में बांग्लादेशी झंडे और कुछ लोग बांग्लादेशी टी-शर्ट पहने नजर आते हैं. इसी वीडियो को शेयर करते हुए इंटरनेट पर यह दावा किया जा रहा है कि अब मुंबई में अवैध रूप से रहे बंग्लादेशी भी SIR को लेकर सवाल खडें कर रहे हैं.

क्या है वीडियो की असल कहानी?

जांच में पता चला कि वायरल हो रहे वीडियो का SIR या मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे किसी विरोध-प्रदर्शन से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है. जांच में वायरल वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आई, जिसे 4 अक्टूबर 2026 को पब्लिश किया गया था. रिपोर्ट के सामने आते ही पूरा मामला साफ हो गया.

दरअसल, यह वीडियो मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार स्थित एमएचएडीए (MHADA) इलाके का है. वहां एक कमर्शियल एडवर्टाइजमेंट और बाइक शूट के लिए सड़क की एक लेन को विधिवत ब्लॉक किया गया था. शूटिंग के सीन के दौरान ही कुछ कलाकारों और युवाओं को बांग्लादेशी झंडा फहराने और वहां की टी-शर्ट पहनने के लिए कहा गया था.

शूटिंग के दौरान मचा था बवाल

स्थानीय निवासियों को जब बिना किसी पूर्व जानकारी के शूटिंग में दूसरे देश का झंडा लहराते देखा, तो उन्होंने इसे राष्ट्रीय भावनाओं से जोड़कर तुरंत पुलिस से शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद विरार और नालासोपारा के कुछ युवाओं ने मौके पर पहुंचकर जमकर विरोध दर्ज कराया और झंडे को जला दिया था.

मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता ने भी पुष्टि की कि यह महज एक कमर्शियल ऐड की शूटिंग का हिस्सा था, जिसे अब सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ देकर और फर्जी दावा फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है.

इस जांच से यह साफ है कि वायरल हो रहे वीडियो का CEC ज्ञानेश कुमार से कोई लेना-देना नहीं है. इस वीडियो को गलत संदर्भ से शेयर किया गया है, इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर वीडियो पर एक ही नजर में भरोसा न करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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