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‘167 नंबर ही आए थे, वायरल OMR फर्जी!’ NEET रिजल्ट 2026 में धांधली के दावे पर NTA ने बताया क्या है सच्चाई?

NEET UG 2026 के नतीजों के बाद वायरल OMR शीट विवाद पर NTA ने बड़ा खुलासा करते हुए इसे डिजिटल रूप से एडिटेड और फर्जी बताया है. एजेंसी ने कहा कि छात्रा का 167 अंकों का परिणाम पूरी तरह सही है और फर्जी दस्तावेज फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी.

NEET UG 2026 OMR Controversy: नीट के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर ओएमआर शीट में धांधली को लेकर वायरल हो रहे दावों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बहुत बड़ा और कड़क खुलासा किया है. NTA ने एक आधिकारिक बयान जारी कर छात्रा आर्या सिंह (आवेदन संख्या: 260410434102) द्वारा OMR आंसर शीट में हेरफेर के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

एजेंसी ने तकनीकी जांच के बाद सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही OMR शीट को ‘डिजिटली एडिटेड’ और पूरी तरह फर्जी करार दिया है. NTA ने स्पष्ट किया है कि छात्रा का घोषित 167 अंकों का स्कोर पूरी तरह से सही, प्रामाणिक और वेरिफाइड है, जिसमें किसी भी प्रकार का कोई संशोधन नहीं किया जाएगा.

जांच में बेनकाब हुई ‘डिजिटल धोखाधड़ी'(NEET UG 2026 OMR Controversy)

सोशल मीडिया पर नतीजों में गड़बड़ी के आरोप और वायरल इमेज के तूल पकड़ने के बाद NTA की साइबर टीम ने अपने सुरक्षित सर्वर में मौजूद रिकॉर्ड्स की गहनता से पड़ताल की. एजेंसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सच्चाई सामने रखते हुए बताया कि छात्रा की असली OMR शीट NTA के पास सुरक्षित है.

इतना ही नहीं OMR रिस्पॉन्स की चैलेंज विंडो के दौरान यही मूल OMR शीट छात्रा की रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भी भेजी गई थी. जांच में पाया गया कि इंटरनेट पर घूम रही फोटो उसी असली OMR शीट का एक फोटोशॉप्ड और एडिटेड रूप है, जिसे लोगों को गुमराह करने के मकसद से तैयार किया गया था.

ऐसे पकड़ा गया OMR में फर्जीवाड़ा

NTA की जांच में फर्जीवाड़े का सबसे कड़क सबूत इनविजिलेटर (निरीक्षक) के दस्तखत के समय में पकड़ा गया. एजेंसी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, असली ओएमआर शीट पर परीक्षा कक्ष के निरीक्षक द्वारा हस्ताक्षर किए जाने का समय दोपहर 3:45 बजे (3:45 PM) दर्ज था.

लेकिन शातिरों ने डिजिटल एडिटिंग टूल्स की मदद से उस समय को बदलकर 2:45 बजे (2:45 PM) कर दिया ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किए जा सकें. NTA ने साफ किया है कि साइबर एडिटिंग से बनाई गई ऐसी फर्जी तस्वीरों से उसके सर्वर पर मौजूद मुख्य डेटा पर कोई असर नहीं पड़ता.

‘पब्लिक एग्जाम एक्ट 2024’ के तहत कड़ा एक्शन

वायरल OMR शीट के इस फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अपनाते हुए NTA ने फर्जी दस्तावेज बनाने और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने वालों को सीधा और सख्त संदेश दिया है. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि जाली या एडिटेड OMR शीट तैयार करना और उसे वायरल करना ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है. इस संबंध में NTA ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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