सोशल मीडिया के इस दौर में खबरें मानों बिजली की रफ्तार से फैलती है, लेकिन अकसर अफवाहें खबरों से भी तेज अपने पसारती है. इसी बीच कई दिनों से कभी व्हाट्सएप, तो कभी फेसबुक के जरिए एक खबर ऐसे ही अपने पैर पसार रही है, जिसने लोगों की नींद छीन रखी है. दावा किया जा रहा है कि मार्च, 2026 तक 500 रुपए के नोट बंद कर दिए जाएंगे. लेकिन सच्चाई कुछ और ही है.
क्या है वायरल दावे का सच?
सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा था जिसमें कहा गया कि केंद्र सरकार एक बार फिर नोटबंदी जैसा बड़ा कदम उठाने जा रही है. इस बार निशाना 500 रुपये का नोट है. मैसेज में दावा था कि मार्च 2026 तक ये नोट चलन से बाहर हो जाएंगे. जाहिर है, साल 2016 की नोटबंदी की यादें आज भी लोगों के जहन में ताजा हैं, इसलिए इस मैसेज ने बाजार में हलचल और लोगों के बीच बेचैनी पैदा कर दी.
लेकिन जब इस खबर की गंभीरता को देखते हुए प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इसकी पड़ताल की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. पीआईबी ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है. यह दावा पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत है.
PIB ने क्या कहा?
पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आगाह किया कि सरकार ने 500 रुपये के नोट को बंद करने जैसा कोई भी फैसला नहीं लिया है. पीआईबी ने अपने स्पष्टीकरण में लिखा कि बाजार में चल रहे 500 रुपये के नोट पूरी तरह वैध हैं और इनके बंद होने की खबरें भ्रामक हैं.
A claim is being made in a social media post that the Government of India plans to ban ₹500 notes.#PIBFactCheck
❌ This claim is #FAKE
✅ No such announcement has been made by the Central Government.
🔎 For authentic information related to financial policies and decisions,… pic.twitter.com/kOvEZ3BjVH
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) January 18, 2026
एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी वायरल मैसेज को आगे फॉरवर्ड न करें और न ही इन पर भरोसा करके अपनी मेहनत की कमाई को लेकर किसी हड़बड़ी में कोई कदम उठाएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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