PIB Fact Check: ‘गाड़ी की टंकी फुल करवा लो भाई, देश में सिर्फ दो दिन का पेट्रोल-डीजल बचा है!- पिछले कुछ दिनों से अगर आपके पास भी वॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर ऐसा कोई डराने वाला मैसेज आया है, तो अपनी गाड़ी के ब्रेक लगाइए और चैन की सांस लीजिए. सोशल मीडिया की ‘फॉरवर्डेड’ यूनिवर्सिटी में इन दिनों एक ऐसी ही अफवाह तेजी से दौड़ रही है, जिसने आम नौकरीपेशा से लेकर घर की गाड़ियां संभालने वाले हर शख्स को टेंशन में डाल दिया है.
वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा था कि भारत के पास अब सिर्फ 48 घंटे का ईंधन बचा है और इसके बाद पूरे देश के पहिए थम जाएंगे. इस अफवाह के साथ पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी लाइनों की कुछ पुरानी तस्वीरें भी शेयर की जा रही थीं, जिससे लोगों में घबराहट और बढ़ गई. लेकिन अब इस पूरे मामले पर सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी ‘पीआईबी फैक्ट चेक’ (PIB Fact Check) का बड़ा बयान आ गया है.
PIB ने किया भंडाफोड़
जैसे ही ये अफवाह जंगल की आग की तरह फैली, सरकार की नजर इस पर पड़ी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीआईबी फैक्ट चेक ने तुरंत इस दावे की हवा निकाल दी. पीआईबी ने साफ शब्दों में कहा, ‘सोशल मीडिया पर जो पोस्ट घूम रही है कि भारत के पास केवल 2 दिनों का ईंधन भंडार बचा है, वो पूरी तरह से गलत, मनगढ़ंत और भ्रामक है.
A post circulating on social media claims that the Ministry of Petroleum & Natural Gas has announced that India has only 2 days of fuel reserves left.#PIBFactCheck:
❌ This claim is #Fake
✅ India has a stock of 60 days of crude oil with surplus refining capacity
✅ Citizens… pic.twitter.com/1G4zWSFNMK
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 17, 2026
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की गई है.’ यानी कि जिस सरकारी आदेश का हवाला देकर आपको डराया जा रहा था, वैसा कोई आदेश कभी जारी ही नहीं हुआ.
भारत के पास कितने महीने का ‘बैकअप’?
अब सवाल उठता है कि अगर देश में सिर्फ दो दिन का स्टॉक नहीं है, तो फिर असलियत क्या है? पीआईबी ने देश के ईंधन भंडार की असली तस्वीर भी सामने रखी है. सरकार के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में कम से कम 60 दिनों (करीब 2 महीने) के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त और सुरक्षित स्टॉक मौजूद है.
इसके अलावा, हमारे देश में कच्चे तेल को साफ करके पेट्रोल-डीजल में बदलने की रिफाइनिंग क्षमता भी जरूरत से कहीं ज्यादा है. इसलिए सप्लाई रुकने या पेट्रोल खत्म होने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता.
अफवाहों के ‘ट्रैप’ से बचें
एक आम भारतीय नागरिक के नाते हमारी लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है कि हम सुबह उठते ही फोन पर आने वाले मैसेज को सच मान लेते हैं. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी बिना सिर-पैर की खबरों से घबराएं नहीं और न ही इन्हें दूसरों को फॉरवर्ड करके पैनिक क्रिएट करें. किसी भी ऐसी खबर पर यकीन करने से पहले केवल आधिकारिक और भरोसेमंद सोर्सेज की ही जांच करें.
-भारत एक्सप्रेस
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