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क्या सच में पीएम मोदी ने राफेल पर ऐसा कहा, क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?

Fact check: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान द्वारा राफेल विमानों को गिराए जाने की बात कही. क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?

Fact check: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है. इसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुंबई में हुई संयुक्त प्रेस मीट के दौरान यह स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने भारत के राफेल विमानों को मार गिराया था. वीडियो में पीएम मोदी को कथित तौर पर कहते हुए दिखाया गया कि पाकिस्तान ने हमारे विमानों को नष्ट किया और दुनिया भारत का मजाक उड़ाने लगी.

असल वीडियो में क्या कहा गया था

भारत एक्सप्रेस न्यूज ने इस वायरल वीडियो की पड़ताल की. जांच में सामने आया कि यह वीडियो एडिट किया गया है. असली प्रेस मीट में पीएम मोदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था. असल वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा था,

“दोनों देशों के डेलीगेट्स, मीडिया के साथियों, नमस्कार. मेरे प्रिय मित्र प्रेसिडेंट मैक्रों का मुंबई में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. पिछले वर्ष उन्होंने मुझे फ्रांस में आयोजित ‘एआई एक्शन समिट’ के लिए बुलाया था. उस समय हमने मार्सिले की यात्रा की, जो फ्रांस का सबसे बड़ा पोर्ट और यूरोप का प्रमुख गेटवे है. मार्सिले वही शहर है, जहां से पहले विश्व युद्ध में हमारे भारतीय सैनिकों ने यूरोप में कदम रखा था.”

जांच में मिला सबूत

इस कार्यक्रम का पूरा वीडियो बीजेपी दिल्ली के फेसबुक पेज पर लाइव टेलीकास्ट हुआ था. वहीं, एक न्यूज एजेंसी के एक्स हैंडल पर भी 17 फरवरी 2026 को इसका वीडियो मौजूद है. पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी इस प्रेस मीट का वीडियो अपलोड किया गया है. इनमें कहीं भी ऐसा बयान नहीं है जैसा वायरल क्लिप में दिखाया जा रहा है.

कैसे फैलाया गया फर्जी दावा?

जांच में पता चला कि वायरल वीडियो की आवाज बदलकर उसमें गलत बातें डाली गईं. असल में पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ भारत-फ्रांस संबंधों और एआई समिट से जुड़ी बातें की थीं. लेकिन एडिट किए गए क्लिप में राफेल विमानों और पाकिस्तान को लेकर झूठा बयान जोड़ दिया गया.

वायरल करने वाले अकाउंट की जानकारी

यह वीडियो सबसे पहले एक इंस्टाग्राम यूजर ने 18 फरवरी 2026 को अपलोड किया था. प्रोफाइल की जांच में पता चला कि यह अकाउंट अक्टूबर 2014 में बनाया गया था और इसकी लोकेशन यूएई बताई गई है. यूजर ने पांच बार अपना नाम बदला है और फरवरी 2026 में यह अकाउंट वेरिफाई हुआ है. इस अकाउंट से भारत के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट भी पहले शेयर किए गए हैं.

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निष्कर्ष

जांच से साफ है कि पीएम मोदी ने मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ प्रेस मीट में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था. वायरल वीडियो एडिट किया गया है और उसमें झूठी बातें जोड़ी गई हैं. यह दावा पूरी तरह से गलत है.

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-भारत एक्सप्रेस



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