सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक सनसनीखेज वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक ‘महिला पुलिसकर्मी’ जमीन पर पड़ी रोती-बिलखती महिला को बेरहमी से लात मारती दिख रही है.
दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने साकेत थाने के अंदर एक महिला पत्रकार के साथ यह बर्बरता की है. लेकिन वीडियो की असल सच्चाई कुछ और ही है.
क्या है वायरल दावा?
हाल ही में एक न्यूज प्लेटफॉर्म की दो महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि 3 सितंबर को साउथ दिल्ली में कवरेज के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और साकेत थाने में उनके साथ मारपीट की.
इसी घटना से जोड़कर एक वीडियो वायरल कर दिया गया, जिस पर लिखा था, ‘दिल्ली पुलिस महिला पत्रकार को बेरहमी से मार रही है. जब पुलिस पत्रकार को मार सकती है, तो आम जनता का क्या करेगी?’
इसके बाद लोग दिल्ली पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे.
क्या है असल सच्चाई?
वीडियो की जांच करने पर पता चला कि यह क्लिप एक फेसबुक पेज पर 26 जून को ही पोस्ट की गई थी. वीडियो के साथ #shortfilmseries और #uncut जैसे हैशटैग्स लगे थे.
यह पेज अपनी फिल्मों के बिहाइंड द सीन और एक्टिंग क्लिप्स शेयर करता है. वीडियो में दिख रही ‘पुलिसकर्मी’ वास्तव में एक एक्ट्रेस है, जो इस चैनल के कई अन्य नाटक और फिल्मों में भी अभिनय करती नजर आती है.
पत्रकारों के आरोप पर पुलिस की सफाई
पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि उनकी मुस्लिम पहचान और सवाल पूछने की वजह से उनके साथ बदसलूकी हुई. वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पत्रकारों का स्कूटर वीवीआईपी सुरक्षा मार्ग में बाधा बन रहा था. निर्देश न मानने पर ही उन्हें थाने लाया गया था.
इस जांच से यह साफ है कि सोशल मीडिया पर पुलिस बर्बरता का जो वीडियो फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक है और एक फिल्म सूटिंग का है. इसलिए इंटरनेट पर पड़े किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले एक बार जरूर सोचे.
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-भारत एक्सप्रेस
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