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18 के बाद बढ़ रहा साइलेंट खतरा! डॉक्टरों ने दी बड़ी चेतावनी

18 साल से युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ा, डॉक्टरों ने नियमित बीपी जांच, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर इलाज की सलाह दी.

High Blood Pressure in Youth

High Blood Pressure in Youth

High Blood Pressure in Youth: हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) अब केवल बढ़ती उम्र की बीमारी नहीं रह गई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण 18 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं में भी हाई बीपी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. यही वजह है कि डॉक्टर अब 18 साल की उम्र से नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराने की सलाह दे रहे हैं.

बिना लक्षण के भी हो सकता है हाई बीपी

विशेषज्ञों के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि कई लोगों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह हृदय, किडनी और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. कई मरीजों को तब तक बीमारी का पता नहीं चलता, जब तक उन्हें हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना नहीं करना पड़ता.

मास्क्ड हाइपरटेंशन भी बन रहा खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि आजकल मास्क्ड हाइपरटेंशन के मामले भी बढ़ रहे हैं. इसमें अस्पताल या क्लिनिक में ब्लड प्रेशर सामान्य दिखाई देता है, लेकिन घर, ऑफिस या तनावपूर्ण परिस्थितियों में यह काफी बढ़ जाता है. ऐसे मामलों में केवल एक बार की जांच पर्याप्त नहीं होती और डॉक्टर जरूरत पड़ने पर 24 घंटे की ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग की सलाह देते हैं.

क्या हैं बढ़ते हाई बीपी के कारण?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अधिक नमक का सेवन, जंक फूड, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन, तनाव और पर्याप्त नींद न लेना युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण हैं. जिन लोगों के परिवार में पहले से हाई बीपी या हृदय रोग का इतिहास है, उनमें इसका खतरा और अधिक रहता है.

कैसे करें बचाव?

डॉक्टर सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करानी चाहिए. रोजाना 30 मिनट व्यायाम, संतुलित आहार, नमक का सीमित सेवन, ताजे फल और हरी सब्जियां खाना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना हाई बीपी से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं.

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समय पर जांच से बच सकती हैं गंभीर बीमारियां

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर हाई ब्लड प्रेशर की पहचान और उचित इलाज से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और अन्य गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसलिए युवाओं को भी नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए और हाई बीपी को केवल बुजुर्गों की बीमारी मानने की गलती नहीं करनी चाहिए.

भारत एक्सप्रेस



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