TMC crisis
Agnimitra Paul On TMC: पश्चिम बंगाल की मंत्री और बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) ने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि इस गठबंधन की बैठक आखिर किन मुद्दों पर हो रही है. उनके अनुसार, अलग-अलग दलों के बीच आपसी मतभेद दिख रहे हैं और एकजुटता की कमी साफ नजर आती है. इसी के साथ उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस, सीपीएम और अन्य दलों के बीच संबंधों को लेकर खुद विपक्ष में ही भ्रम की स्थिति है. उनके मुताबिक, एक तरफ कांग्रेस पर बीजेपी और सीपीएम के साथ अंदरूनी समझौते के आरोप लगते हैं, वहीं दूसरी तरफ इन्हीं दलों को ‘इंडिया’ गठबंधन में साथ आने के लिए आमंत्रित किया जाता है.
टीएमसी पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत करते हुए बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान को लेकर पूछे गए सवाल पर ग्निमित्रा पॉल सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र में कम दिखाई देते हैं. साथ ही उन्होंने टीएमसी के कुछ नेताओं पर जनता की नाराजगी का भी जिक्र किया और कहा कि लोग अब खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार और मनमानी बढ़ी है, जिसके कारण जनता में असंतोष देखने को मिल रहा है.
अभिषेक बनर्जी को लेकर कसा तंज
अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर उन्होंने कहा कि मैं खास तौर पर इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं कर पाऊंगी कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन जनता हर टीएमसी नेता पर हमला कर रही है. बल्कि, मैं हमला शब्द का इस्तेमाल नहीं करूंगी, बल्कि उन पर अंडे फेंके जा रहे हैं. तो, जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे. कर्म का सिद्धांत यही है कि जैसा आप बोते हैं, वैसा ही फल पाते हैं. उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं ने इन 15 सालों में अपनी मनमानी और भ्रष्टाचार दिखाया है, और उन्हें लगता था कि उनके बिना काम नहीं चल सकता, लेकिन बंगाल की जनता ने उन्हें उनकी असलियत दिखा दी है.
ये भी पढ़ें: ममता के ‘फेवीक्विक’ बनेंगे अभिषेक! कितने सांसदों पर मोदी-शाही की नजर, क्या रुक पाएगी बगावत?
गठबंधन की एकता पर सवाल
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस गठबंधन में कई बड़े नेता बैठक में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने दावा किया कि कुछ वाम दल, एम.के. स्टालिन और लालू यादव जैसे नेता अलग-अलग कारणों से बैठक में नहीं जा रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टीएमसी के अंदर भी स्थिति पूरी तरह एक जैसी नहीं है. उनका कहना था कि जब बड़े नेता ही बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे तो गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि इस गठबंधन के पास कोई स्पष्ट नीति या दिशा नहीं है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





