Bharat Express DD Free Dish

Air Quality : दिल्ली-एनसीआर में दमघोंटू हालत, वायु-गुणवत्ता बनी ‘संकटग्रस्त’

Air Quality : दिल्ली–एनसीआर में वायु-प्रदूषण ने विकराल रूप धारण कर लिया, जहाँ सुबह से शाम तक हवा पहले ही ‘संकटग्रस्त’ श्रेणी में बनी हुई है

Air Quality : दिल्ली–एनसीआर में वायु-प्रदूषण ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जहाँ सुबह से शाम तक हवा पहले ही ‘संकटग्रस्त’ श्रेणी में बनी रही और कुछ इलाकों में AQI 450 से ऊपर भी जा चुकी है। उदाहरण के लिए, Bawana में 460 के करीब, जबकि Darya Ganj में 455 से अधिक AQI दर्ज किया गया है.

Air Quality का विश्लेषण

इस सर्द मौसम में वायु प्रवाह (विंड स्पीड) कम होने, तापमान में गिरावट और मौसम का स्थिर बने रहने से प्रदूषक पदार्थ नीचे ठहरने लगे हैं। इससे फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया है। ऐसा बताया गया है कि मंगलवार तक औसत AQI लगभग 425 तक पहुँच गया था. (Air Quality)
राजधानी के कई हिस्सों में PM2.5 (सूक्ष्म कण) व PM10 (थोड़े बड़े कण) की मात्रा अस्वस्थ स्तर से बहुत ऊपर पाई गई है. उदाहरणस्वरूप, एक डेटा स्रोत के मुताबिक रात 7 बजे के बाद AQI 655 तक चढ़ गया था.
मौसम-पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो-तीन दिन तक हवा की गति (विंड) कमजोर बनी रहने की संभावना है, जिससे प्रदूषण दूर नहीं होगा बल्कि जमाव बढ़ने का डर है.

प्रशासन ने उठाए कदम (Air Quality)

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए Commission for Air Quality Management (CAQM) ने Graded Response Action Plan (GRAP) का Stage III लागू किया है, जिसमें निम्नलिखित प्रतिबंध शामिल हैं:

निर्माण-विनाश (construction / demolition) गतिविधियों पर रोक लगाई गई है. BS-III पेट्रोल व BS-IV डीजल वाले चार-पहिया वाहनों के परिचालन पर पाबंदी लगाई गई है. स्कूलों की-कक्षाओं (कक्षा 1-5 तक) को हाइब्रिड (ऑनलाइन + ऑफलाइन) मोड में चलाने का निर्देशन दिया गया है. (Air Quality)

स्वास्थ्य-संकट और दैनिक जीवन पर असर

इस स्तर की वायु गुणवत्ता सामान्य स्वास्थ्य वाले व्यक्ति के लिए भी जोखिमभरी हो सकती है, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों तथा व्‍यक्तियों को जिनमें हृदय या श्वसन रोग हैं. आँखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं.
लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे घर के अंदर रहें, जब भी बाहर निकलें तो मास्क (एन-95 या बेहतर) पहनें, वायु-शुद्धक (एयर प्यूरीफायर) या कम-प्रदूषण वाला इनडोर माहौल सुनिश्चित करें.
वाहन प्रयोग कम करने, सार्वजनिक परिवहन व साझा-यात्रा बढ़ाने की ओर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है.

भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read

Latest