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बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा जम्मू! अमरनाथ यात्रा 2026 का पहला जत्था रवाना, सुरक्षा का कडा पहरा

अमरनाथ यात्रा 2026 का पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की मौजूदगी में श्रीनगर के लिए रवाना हुआ. करीब 70 हजार सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ेंगे.

देश की सबसे प्रतिष्ठित और आस्था के सबसे बड़े प्रतीक बाबा अमरनाथ की पवित्र यात्रा (Amarnath Yatra 2026) का औपचारिक रूप से शंखनाद हो चुका है. आज 2 जुलाई 2026, गुरुवार की सुबह करीब 5 बजे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर श्रीनगर के लिए रवाना किया. जैसे ही उपराज्यपाल ने भगवा झंडा लहराया, पूरा भगवती नगर बेस कैंप ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा.

देशभर से आए श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे और उनका उत्साह देखते ही बन रहा था. कड़ी और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ यह पहला जत्था आज शाम तक श्रीनगर पहुंचेगा और शुक्रवार की सुबह बाबा बर्फानी के पवित्र शिवलिंग के दर्शन के लिए आगे बढ़ेगा.

पहली बार यात्रा करने वालों की भारी भीड़

इस साल की अमरनाथ यात्रा में एक बेहद खास और सुखद बदलाव देखने को मिल रहा है. पहली बार बाबा बर्फानी के दर्शन करने आए युवाओं की संख्या इस बार बहुत ज्यादा है. विशेष रूप से राजस्थान से आए श्रद्धालुओं की बसों में अधिकतर वे युवा शामिल हैं जो जीवन में पहली बार इस कठिन और दुर्गम यात्रा पर निकले हैं. इन युवाओं में किसी भी तरह का डर या खौफ नजर नहीं आ रहा है.

श्रद्धालुओं का कहना है कि जैसे ही उन्हें पता चला कि अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है, उन्होंने सबसे पहले अपना पंजीकरण कराया ताकि वे पहले ही जत्थे में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकें और अपनी मन्नतें पूरी कर सकें.

70 हजार जवानों की तैनाती(Amarnath Yatra 2026)

अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस बार बेहद कड़े और ऐतिहासिक इंतजाम किए हैं. देश के कोने-कोने से बुलाकर करीब 70,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षा बलों को पूरे जम्मू-कश्मीर और यात्रा मार्ग पर तैनात किया गया है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ और भारतीय सेना के जवान पूरी मुस्तैदी से हिफाजत में जुटे हैं.

यात्रियों के इस पहले जत्थे के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के जांबाज जवान और खतरनाक कोबरा कमांडो का दस्ता चल रहा है. ये कमांडो 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूरी यात्रा को एस्कॉर्ट कर रहे हैं.

बाबा बर्फानी के पावन दरबार के लिए बढ़ेंगे कदम

जम्मू से रवाना हुआ यह पहला जत्था (Amarnath Yatra 2026) कश्मीर के बालटाल और पहलगाम बेस कैंप पहुंचेगा. वहां रात को विश्राम करने के बाद ये सभी श्रद्धालु शुक्रवार की सुबह भगवान भोलेनाथ के मुख्य गुफा की ओर प्रस्थान करेंगे. सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने यह कड़ा नियम बनाया है कि जिस समय अमरनाथ यात्रियों का काफिला श्रीनगर की तरफ हाईवे से गुजरता है, उस समय सुरक्षा कारणों से किसी भी अन्य नागरिक या निजी वाहन को हाईवे पर चलने की इजाजत नहीं दी जाती है. सुरक्षा बलों द्वारा पूरे नेशनल हाईवे को अस्थायी रूप से सील कर दिया जाता है ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो.

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इस बार टूटने जा रहे हैं पिछले सारे रिकॉर्ड

इस बीच अमरनाथ यात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बहुत बड़ा दावा किया है. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस बार की अमरनाथ यात्रा पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है. उन्होंने कहा कि बुधवार की शाम को तवी नदी के तट पर हुई महाआरती में जो भारी भीड़ और अद्भुत उत्साह देखा गया था, वही जोश आज सुबह पहले जत्थे की रवानगी में भी दिखाई दे रहा है.

सुनील शर्मा ने कहा कि देश के श्रद्धालु अब पुराने हमलों और कड़वी यादों को भूलकर पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ बाबा के दर्शन के लिए आ रहे हैं और उन्हें अपनी सेना तथा सुरक्षा बलों पर पूरा भरोसा है. हालांकि भौगोलिक और मौसम की चुनौतियां बहुत हैं, लेकिन भक्तों की आस्था के आगे सब छोटी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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