केरल के एर्नाकुलम में रविवार को गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए जनता से सीधे बात की. उन्होंने जोर देकर कहा कि 9 अप्रैल को होने वाला विधानसभा चुनाव किसी पार्टी की सत्ता बदलने का सिर्फ खेल नहीं है. यह चुनाव केरल के भविष्य को सुरक्षित और सुनहरा बनाने का है.
शाह ने कहा कि पिछले सालों में केरल की जनता ने यूडीएफ और एलडीएफ के बीच सत्ता बदली. उन्होंने कहा
“पहले यूडीएफ आई, फिर एलडीएफ, फिर फिर से यूडीएफ. लेकिन दोनों ही सरकारों ने भ्रष्टाचार किया.”
रोजगार और युवाओं का मुद्दा
अमित शाह ने युवाओं के रोजगार पर खास जोर दिया. उन्होंने कहा कि केरल में लोग पढ़ाई में बहुत आगे हैं, युवा बुद्धिमान हैं, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल रही. नतीजतन, बहुत से युवा विदेशों में रोजगार तलाशने के लिए मजबूर हैं. शाह ने वादा किया कि एनडीए की सरकार आने पर केरल में ही युवाओं को रोजगार मिलेगा.
शाह ने देशभर की राजनीति की तस्वीर भी पेश की. उन्होंने कहा कि दुनिया बदल रही है, कम्युनिस्ट पार्टी का प्रभाव कम हो रहा है और कांग्रेस की भी पकड़ कमजोर हो रही है. देश आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने पिछले तीन लोकसभा चुनावों में एनडीए के वोट प्रतिशत का जिक्र करते हुए कहा कि अब केरल में एनडीए की सरकार बनाना तय है.
नए साथी के साथ NDA
इस बार एनडीए में ट्वेंटी-ट्वेंटी पार्टी भी शामिल हुई है. शाह ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाया गया कदम बताया और जनता से अपील की कि वे इस गठबंधन के साथ जुड़कर केरल को समृद्ध बनाएं.
शाह ने कोच्चि स्मार्ट सिटी, मेट्रो और बड़े विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने केरल में कई योजनाओं को करोड़ों रुपए से फंड किया. उन्होंने वक्फ संशोधन बिल का उदाहरण देते हुए कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ ने 600 ईसाई और हिंदू परिवारों की जमीन हड़पने पर कभी आवाज नहीं उठाई. अमित शाह ने साफ कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ दोहरे चरित्र वाली पार्टियां हैं. देश में ये एक साथ चुनाव लड़ते हैं, और केरल में एक-दूसरे का विरोध. उन्होंने कहा कि इस बार केरल में भाजपा और एनडीए ‘ए टीम’ हैं और बाकी पार्टियां ‘बी टीम’.
शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देशभर में स्टार्टअप्स बढ़े हैं, लेकिन केरल में मुख्यमंत्री विजयन का सिर्फ नाम बदलने वाला स्टार्टअप दिखता है.
उन्होंने सभा के अंत में केरलवासियों से कहा,
“यह समय बदलाव का है, समय है अपने बच्चों के भविष्य और रोजगार का, समय है केरल को आगे ले जाने का.”
-भारत एक्सप्रेस
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