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राष्ट्रीय समुद्री दिवस 2026: समंदर के प्रहरियों को गृह मंत्री अमित शाह का सलाम, बताया क्यों समंदर की लहरों पर टिका है देश का भविष्य

राष्ट्रीय समुद्री दिवस 2026: गृह मंत्री अमित शाह ने समंदर के नायकों को किया नमन. जानिए क्यों 5 अप्रैल का दिन भारतीय नौवहन इतिहास के लिए गर्व का विषय है और क्या है देश की ‘ब्लू इकोनॉमी’ का सच.

आज 5 अप्रैल है और पूरा देश ‘राष्ट्रीय समुद्री दिवस’ (National Maritime Day) मना रहा है. यह दिन उन जांबाज समुद्री योद्धाओं, नाविकों और बंदरगाह कर्मियों के नाम समर्पित है, जो दिन-रात लहरों से लोहा लेकर भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के चक्र को घुमाते रहते हैं. इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के समुद्री क्षेत्र में तैनात सभी कर्मियों को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं. शाह ने न केवल उनकी मेहनत की सराहना की, बल्कि यह भी याद दिलाया कि चाहे शांति का समय हो या कोई बड़ी चुनौती, हमारे समुद्री प्रहरी हमेशा अडिग खड़े रहे हैं.

आपकी प्रतिबद्धता को सलाम

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा, “राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर भारत के समुद्री क्षेत्र के कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं.

अमित शाह ने आगे लिखा कि शांति काल हो या संकट के समय, राष्ट्र के विकास में आपकी व्यावसायिकता और साहस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. राष्ट्र आपकी प्रतिबद्धता को सलाम करता है.”

समंदर की लहरों पर टिका है भारत का भविष्य

अमित शाह का यह संदेश उस ‘ब्लू इकोनॉमी’ (Blue Economy) की ओर इशारा करता है, जो आज भारत के लिए रीढ़ की हड्डी बन चुकी है. क्या आप जानते हैं कि भारत का लगभग 95 प्रतिशत व्यापार (मात्रा के हिसाब से) और 70 प्रतिशत व्यापार (मूल्य के हिसाब से) समुद्र के रास्ते ही होता है? अगर आज हमारे घरों तक जरूरी सामान, ईंधन और दवाएं पहुँच रही हैं, तो इसके पीछे उन मर्चेंट नेवी के जवानों और पोर्ट वर्कर्स का पसीना शामिल है, जो महीनों तक अपनों से दूर रहकर गहरे समंदर में तैनात रहते हैं.

गृह मंत्री ने अपने ट्वीट में ‘साहस’ और ‘व्यावसायिकता’ (Professionalism) का जिक्र किया है. यह वाकई काबिले-तारीफ है कि समुद्री डाकुओं के खतरों से लेकर चक्रवातों जैसी प्राकृतिक आपदाओं तक, हमारे नाविकों ने कभी हार नहीं मानी.

5 अप्रैल ही क्यों?

एजुकेशन के लिहाज से यह जानना भी दिलचस्प है कि आखिर हम 5 अप्रैल को ही यह दिन क्यों मनाते हैं. दरअसल, आज ही के दिन साल 1919 में भारत के पहले समुद्री जहाज ‘एसएस लॉयल्टी’ (SS Loyalty) ने मुंबई से लंदन की यात्रा शुरू की थी. उस दौर में जब समुद्र पर ब्रिटिश हुकूमत का एकाधिकार था, तब भारत ने अपनी समुद्री ताकत का अहसास कराया था. अमित शाह का संदेश हमें उसी गौरवशाली अतीत से जोड़ता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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