देश में सीमा प्रबंधन और व्यापार व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) 9 जून को नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का शुभारंभ करेंगे. यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म देश के लैंड पोर्ट्स पर होने वाले सभी प्रमुख कार्यों को एक ही सिस्टम से जोड़ने का काम करेगा.
सीमा पर बढ़ेगी पारदर्शिता और रफ्तार
एलपीएमएस को इस तरह तैयार किया गया है कि सीमा पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बन सकें. इसके जरिए विभिन्न एजेंसियों के बीच जरूरी जानकारी का रियल-टाइम आदान-प्रदान संभव होगा. इससे लैंड पोर्ट्स की कार्यप्रणाली एयरपोर्ट और सीपोर्ट के डिजिटल सिस्टम की तरह आधुनिक हो जाएगी.
दावकी और श्रीमंतपुर में नई सुविधाओं का उद्घाटन
अपने कार्यक्रम के दौरान अमित शाह मेघालय के दावकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट पर तैयार की गई नई स्टेकहोल्डर आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे. इन सुविधाओं से सीमा पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी.
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी कई सेवाएं
एलपीएमएस के माध्यम से कार्गो और यात्रियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा. इसमें स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लियरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यह प्रणाली विभिन्न सरकारी और राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जुड़ी होगी, जिससे कामकाज और अधिक आसान और तेज होगा.
15 लैंड पोर्ट्स का संचालन करता है एलपीएआई
लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक वैधानिक संस्था है, जो देश के अंतरराष्ट्रीय लैंड पोर्ट्स के विकास और संचालन की जिम्मेदारी संभालती है. वर्तमान में एलपीएआई भारत के पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन कर रहा है. सरकार का मानना है कि एलपीएमएस की शुरुआत से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, सीमा क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और देश के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के लक्ष्य को नई गति मिलेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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