तमिलनाडु के चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का दो दिवसीय त्रिची दौरा सोमवार को खत्म हो गया. इस दौरे को लेकर बीजेपी खेमे में उम्मीदें काफी ऊंची थीं, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा राजनीतिक ब्रेकथ्रू सामने नहीं आया. एनडीए को राज्य में मजबूत करने की कोशिशें दिखीं जरूर, पर गठबंधन की तस्वीर अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी.
AIADMK के समीकरणों पर नजर
दरअसल, शाह के इस दौरे से अनुमान लगाए जा रहे थे कि बीजेपी संभावित सहयोगी दलों के साथ गठबंधन को लेकर ठोस बातचीत करेगी. खासकर AIADMK के भीतर चल रहे समीकरणों और उसके शीर्ष नेतृत्व से सीधी बातचीत पर सबकी नजर थी. माना जा रहा था कि एआईएडीएमके महासचिव Edappadi K. Palaniswami (ईपीएस) त्रिची पहुंचकर शाह से मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बाद में बीजेपी के एक पदाधिकारी ने साफ किया कि ऐसी कोई बैठक पहले से तय नहीं थी और शाह जिन कार्यक्रमों में शामिल हुए, वे पार्टी के थे, न कि एनडीए के साझा आयोजन.
बंद कमरे की बातचीत
हालांकि, शाह ने एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और संगठन सचिव एस. पी. वेलुमणि से दो बार बंद कमरे में मुलाकात जरूर की. पहली बैठक में तमिलनाडु के लिए बीजेपी के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल भी मौजूद थे. इन बैठकों को लेकर दोनों दलों की ओर से सार्वजनिक तौर पर ज्यादा कुछ कहने से परहेज किया गया, जिससे अटकलें और तेज हो गईं.
सूत्रों का कहना है कि वेलुमणि ने यह मुलाकात ईपीएस के निर्देश पर की थी. रविवार शाम को भी शाह और वेलुमणि की एक बैठक हुई थी, जिसके बाद सोमवार को शहर के एक होटल में करीब दो घंटे तक बातचीत चली. हालांकि, बातचीत का एजेंडा क्या था, इस पर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई.
मंदिर दर्शन और पोंगल कार्यक्रम
राजनीतिक बैठकों के साथ-साथ अमित शाह ने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया. उन्होंने त्रिची के प्रसिद्ध जंबुकेश्वरर मंदिर और श्रीरंगम रंगनाथस्वामी मंदिर में दर्शन किए. इसके बाद त्रिची-मदुरै राष्ट्रीय राजमार्ग पर आयोजित बीजेपी के सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘नम्मा ऊरु मोदी पोंगल’ में पहुंचे, जहां 1,008 बर्तनों में पोंगल पकाया गया. पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि शाह यहां संबोधन देंगे, लेकिन वे करीब आधे घंटे से भी कम समय में कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए.
आगे की राजनीति पर नजर
बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने इन बैठकों को सामान्य बताया और कहा कि गठबंधन दलों के नेता आपस में मिलते रहते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में एनडीए और मजबूत होगा और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले और दल जुड़ सकते हैं. गौरतलब है कि शाह के दो दिवसीय त्रिची दौरे के दौरान ईपीएस के साथ उनकी मुलाकात की व्यापक उम्मीद थी, लेकिन पलानीस्वामी शहर नहीं पहुंचे
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-भारत एक्सप्रेस
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