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पूर्व PM देवेगौड़ा के जन्मदिन पर दिखा अद्भुत राजनीतिक सौहार्द, गृह मंत्री शाह ने मांगी लंबी उम्र की दुआ

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा के जन्मदिन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर हिंदी और कन्नड़ भाषा में खास संदेश लिखकर उन्हें बधाई दी है. अमित शाह ने देवेगौड़ा जी को ‘मिट्टी का लाल’ बताते हुए उनके संघर्ष और योगदान को याद किया.

Amit Shah Greets Former PM HD Deve Gowda in Kannada on His Birthday

भारतीय राजनीति में भले ही दल अलग हों और विचारधाराएं जुदा हों, लेकिन जब बात देश के वरिष्ठ नेताओं और पितातुल्य मार्गदर्शकों के सम्मान की आती है, तो भारतीय संस्कृति का खूबसूरत ‘राजनीतिक सौहार्द’ साफ नजर आता है. आज यानी 18 मई को देश की राजनीति का एक ऐसा ही बड़ा और गरिमामयी दिन है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेकुलर) के सबसे बड़े स्तंभ एच.डी. देवेगौड़ा अपना जन्मदिन मना रहे हैं. इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामना दी.

अमित शाह ने कन्नड़ में दी बधाई

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देश के सबसे सीनियर राजनेता को बेहद खास अंदाज में बधाई दी. उन्होंने न सिर्फ हिंदी-अंग्रेजी बल्कि देवेगौड़ा की मातृभाषा कन्नड़ में भी संदेश लिखकर करोड़ों कर्नाटक वासियों का दिल जीत लिया.

अमित शाह ने उन्हें ‘मिट्टी का सच्चा बेटा’ बताते हुए लिखा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री और देश के प्रख्यात राजनेता श्री एच.डी. देवेगौड़ा जी को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं.

उन्होंने ये भी कहा कि मिट्टी के सच्चे पुत्र, किसानों और हमारे ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए आपका जीवन भर का समर्पण देश कभी नहीं भूल सकता. आपके इस योगदान ने हमारे राष्ट्र पर एक अमिट छाप छोड़ी है. मैं ईश्वर से आपके लंबे, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना करता हूं.

हासन के छोटे गांव से दिल्ली का ‘सिंहासन’

देवेगौड़ा का जीवन आज के युवाओं और राजनेताओं के लिए एक बेहतरीन लाइफस्टाइल और संघर्ष की मिसाल है. 18 मई 1933 को कर्नाटक के हासन जिले के एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्मे देवेगौड़ा ने हमेशा जमीन से जुड़कर राजनीति की. राजनीति के इस लंबे सफर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे.

वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे और इस दौरान उन्होंने राज्य के ग्रामीण इलाकों और किसानों की तकदीर बदलने वाले कई बड़े फैसले लिए. देश के एक बेहद चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर में वे भारत के 11वें प्रधानमंत्री बने. हालांकि उनका कार्यकाल छोटा था, लेकिन उनकी सादगी ने सबका दिल जीता.

अपनी ढलती उम्र और सेहत की चुनौतियों के बावजूद आज भी वे राज्यसभा सांसद के रूप में देश की सेवा में सक्रिय हैं और जेडीएस (JD-S) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी पार्टी का मार्गदर्शन कर रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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