दिल्ली/हिमांशु दुबे: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित तीन दिवसीय ‘आरोग्य उत्सव एक्सपो 2026’ (Arogya Utsav Expo 2026) का शानदार समापन हो गया है. इस महाआयोजन के जरिए हजारों लोगों ने आयुर्वेदिक, प्राकृतिक और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को बेहद करीब से जाना और समझा. कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और देशवासियों को स्वस्थ जीवन का मंत्र दिया.
अंतिम दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
एक्सपो के अंतिम दिन की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुई. इसके बाद कलाकारों ने सांस्कृतिक गानों पर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया. मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण ने एक्सपो में लगे सभी स्टॉल्स का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद व्यापारियों तथा डॉक्टरों से संवाद कर उनके उत्पादों की जानकारी ली. इस खास मौके पर कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विपिन कुमार और भारतीय योग संस्थान के अध्यक्ष देशराज गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे.
2014 के बाद योग और आयुर्वेद को मिला बढ़ावा
पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण ने ‘आरोग्य उत्सव एक्सपो’ के आयोजन की भरपूर सराहना की. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद देश और दुनिया में योग को एक नई पहचान और बढ़ावा मिला है. आचार्य बालकृष्ण ने जोर देते हुए कहा कि
‘आयुर्वेद और योग हमारी प्राचीन विरासत और अनमोल धरोहर हैं. इसे सहेजना, इसका प्रचार-प्रसार करना और समाज के हर व्यक्ति को इससे जोड़ना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि हर कोई स्वस्थ और निरोगी जीवन जी सके.’
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स्वास्थ्य, संस्कृति और विज्ञान का संगम
तीन दिन तक चले इस महा-एक्सपो में 100 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए थे. इन स्टॉल्स के जरिए आगंतुकों ने आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक चिकित्सा और भारतीय हेल्थकेयर से जुड़े कई नए और प्रभावी प्रोडक्ट्स को करीब से देखा और परखा. कुल मिलाकर, ‘आरोग्य उत्सव एक्सपो 2026’ स्वास्थ्य, भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान का एक बेहतरीन और अनोखा संगम साबित हुआ, जिसने लोगों को प्रकृति की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया.
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