Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Ayodhya Ram Mandir: उद्घाटन से पहले सज रही अयोध्या, बदल रहा रंग-रूप, मठ और मंदिरों में तैयारी तेज, इस दिन तय हुआ प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम

UP News: राम नगरी के 37 ऐतिहासिक एवं पौराणिक मठ–मंदिरों आश्रमों, भवनों, कुंडों आदि पर उनकी प्राचीन वास्तुकला को संजोने-संवारने का कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है.

मंदिर में मूर्तियों को अंतिम रूप देता कारीगर

Ayodhya Ram Mandir: भगवान राम की नगरी अयोध्या में इन दिनो रंग-रोगन से लेकर साज-सज्जा की तैयारी तेजी से चल रही है. अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य जहां तेजी से आगे बढ़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर पूरी अयोध्या ही सजाई जा रही है. भला हो भी क्यों न ऐसा रामलला जो अपने स्थाई घर में प्रवेश करने वाले हैं. इसी खुशी में पूरी अयोध्या में उत्सव का सा माहौल अभी से है और सभी अपने रामलला को जल्द से जल्द उनके स्थाई गर्भगृह में विराजमान होता हुआ देखना चाहते हैं. इसके लिए अयोध्या के मठ-मंदिरों में भी साज-सज्जा का काम जारी है तो वहीं प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को लेकर तैयारी भी जोरों पर है.

बता दें कि प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम जनवरी 2024 में होना तय हुआ है और राम मंदिर उद्घाटन को लेकर 22 जनवरी की तारीख तय मानी जा रही है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है. ऐसे में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन की तैयारी अपने स्तर से की जा रही है. जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने रामनगरी के मठ, मंदिर व धर्मशालाओं को संवारने की डेडलाइन तय कर दी है. जानकारी सामने आ रही है कि 37 ऐतिहासिक एवं पौराणिक मठ–मंदिरों आश्रमों, भवनों, कुंडों आदि पर उनकी प्राचीन वास्तुकला को संजोने-संवारने का कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है.

ये भी पढ़ें- UP News: एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले अजय सरोज को योगी सरकार देगी नौकरी, पीएम मोदी से मिले, लेकिन रह गया ये मलाल

लगेंगे आधुनिक फसाड लाइट

इस सम्बंध में जिलाधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि अयोध्या धाम के पौराणिक स्थलों के पुनरुद्धार में उनकी ऐतिहासिक वास्तुकला को संजोते हुए तत्कालीन समय में प्रयुक्त निर्माण सामग्री चूना, सुर्खी आदि से रेनोवेट किया जा रहा है. जिलाधिकारी ने आगे बताया कि पौराणिक स्थलों के प्रवेश द्वारों पर चित्रकारी भी की जाएगी एवं आधुनिक फसाड लाइट लगाई जाएंगी. इसी के साथ ही पौराणिक स्थलों/मठ-मंदिरों एवं आश्रमों में साइनेज लगवाया जाएगा ताकि उनके पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व एवं मूल्यों को उकेरा जा सके.

इन मंदिरों का किया जा रहा है पुनरुद्वार

सूत्रों के मुताबिक, फसाड ट्रीटमेंट एवं पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास व निर्माण कार्यों के लिए योगी सरकार ने 68.80 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम को मंजूर किए हैं. इसके तहत दशरथ भवन मंदिर, जानकीघाट बड़ास्थान, अक्षरी मंदिर, मंगल भवन, सियाराम किला,राम कचेहरी मंदिर, तुलसी चौरा मंदिर, दिगंबर अखाड़ा, हनुमान मंदिर, भरत किला मंदिर, नेपाली मंदिर, कालेराम मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर के साथ ही विश्वकर्मा मंदिर, मौर्य मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर, करतलिया बाबा मंदिर, राम गुलेला मंदिर, वेद मंदिर, तिवारी मंदिर, बरेली मंदिर, मणिराम दास छावनी मंदिर, टेढ़ीयति महादेव मंदिर, रंग महल मंदिर, विद्या देवी मंदिर, राम पुस्तकालय मंदिर, रत्न सिंहासन मंदिर,देवीकाली कुंड मंदिर व आश्रमों आदि को पुनरुद्वार की सूची में शामिल किया गया है. जानकारी सामने आ रही है कि, इनके भवन एवं आर्ट संरक्षण को लेकर कार्य जारी है तो वहीं इन मंदिरों, आश्रमों व मठों के भवनों पर पेंटिंग, फसाड ल्यूमिनेशन, लाइटिंग अरेस्ट्रो, विजिटर एमिनिटीज ( क्लाक रूम,टायलेट, ड्रिंकिंग वाटर एंड शू रेक), स्ट्रीट फर्नीचर (बेंच, स्ट्रीट लाइट, डस्टबिन, रेलिंग फुटपाथ) का कार्य जारी है तो इसी के साथ सुरक्षा को लेकर इनमें सीसीटीवी भी लगवाया जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital