Nepal Flood: नरेन्द्र मिश्र/बलिया: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आए भयानक जलप्रलय ने भयानक तबाही मचा रखी है. इसने न केवल नेपाल बल्कि उससे जुड़े भारत के राज्यों को भी झरझोर दिया है. पहाड़ों पर आई इस भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है. जिले के दो अलग-अलग परिवारों के लोग इस जलप्रलय के बाद से लापता हैं, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
बलिया के दो गावों में मातम
नेपाल में आई तबाही का असर अब बलिया के गांवों भी में देखने को मिल रहा है. रसड़ा निवासी पन्ना लाल चौरसिया की पत्नी और बेटा नेपाल में आई इस विभीषिका के बाद से लापता हैं.
वहीं, बांसडीह तहसील के बेऊर गांव के रहने वाले गोविंद भारती भी नेपाल में ही एक कंपनी में काम करते थे. गोविंद का इसी साल 28 अप्रैल को तिलक और 1 मई को विवाह हुआ था. शादी के महज 4 महीने बाद ही गोविंद से संपर्क टूटने के कारण उनकी नई-नवेली पत्नी प्रियंका और मां चिंता देवी गहरे सदमे में हैं.
बेऊर गांव के ग्रामीण और परिजन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगा रहे हैं कि नेपाल प्रशासन से संपर्क कर गोविंद की खोजबीन जल्द से जल्द कराई जाए.
320 से अधिक भारतीय लापता
नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए दुनिया भर से पर्यटक पहुंचते हैं. लेकिन इस त्रासदी ने सब कुछ तबाह कर दिया. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 अगस्त (रविवार) शाम 5:30 बजे तक करीब 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है. लेकिन अब भी कम से कम 320 भारतीय नागरिक नेपाल में लापता बताए जा रहे हैं.
बता दें कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों के लोग इस आपदा में फंसे हैं. आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 62, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 41, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 30 नागरिक अब भी लापता हैं. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड्स और न्यूजीलैंड के भी कई लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. फिलहाल, नेपाल में राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन बलिया के बेऊर और रसड़ा में हर बीतते मिनट के साथ परिजनों की सांसें अटकी हुई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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