Urdu Conclave 2026

Begusarai Hospital Viral Video: टूटे पैर पर प्लास्टर नहीं, ‘कूट’ बांधकर किया रेफर! वायरल वीडियो से मचा बवाल

Begusarai Hospital: बेगूसराय के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल में सड़क हादसे के घायल युवक के टूटे पैर पर कथित तौर पर प्लास्टर की जगह ‘कूट’ बांधने का वीडियो वायरल हो गया. मामले पर सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है.

Begusarai Hospital

Begusarai Hospital

Begusarai Hospital Viral Video: बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लगातार दावे कर रही है, लेकिन बेगूसराय से सामने आई एक घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क दुर्घटना में घायल युवक के टूटे पैर पर प्लास्टर या स्प्लिंट की जगह ‘कूट’ का टुकड़ा बांधकर प्राथमिक उपचार किए जाने का दावा किया जा रहा है. इस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.

प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल किया गया रेफर

जानकारी के अनुसार, नावकोठी थाना क्षेत्र निवासी कृष्ण कुमार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया. परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे. आरोप है कि अस्पताल में चिकित्साकर्मियों ने टूटे पैर पर उचित स्प्लिंट या प्लास्टर लगाने के बजाय ‘कूट’ का टुकड़ा बांध दिया और इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया. इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया.

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल

वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. कई लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध नहीं थे, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है. वहीं, कुछ लोगों ने प्राथमिक उपचार के तरीके पर भी सवाल खड़े किए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

यह भी पढ़ें: जयपुर में फिर लौटा कच्छा-बनियान गैंग! CCTV में कैद हुई चोरी की कोशिश

सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश

मामले के तूल पकड़ने के बाद बेगूसराय के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाता है. हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है. वायरल वीडियो ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है. अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read