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दिल्ली, पटना, रांची के बाद भोपाल में मुसलमान कर रहे है बड़े आंदोलन की तैयारी; आरिफ मसूद ने बताया पूरा प्लान

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित UCC के खिलाफ भोपाल में बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा है. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने 16 से 20 अगस्त तक मुस्लिम और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन का प्लान बनाया है.

Bhopal UCC Protest Arif Masood Plan Against Mohan Yadav Government

Bhopal UCC Protest: पहले दिल्ली, फिर पटना उसके बाद रांची.. मानो इन दिनों देश में आंदोलनों का दौर चल रहा है. तमाम मीडिया हाउस की नजर अभी रांची पर टिकी हुई है ऐसे में मध्य प्रदेश में सुगल रहे नए आंदोलन की खबर अब सुर्खियों में आने लगी है. राजधानी भोपाल समेत प्रदेश में मुस्लिम समाज के लिए सरकार के विरोध के लिए नए प्लान पर काम कर रहे हैं. इस संबंध में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने खुले तौर मीडिया से सरकार के खिलाफ समाज को एक जुट करने की बात कही है.

मामला मध्य प्रदेश में प्रस्ताावित समान नागरिक संहिता यानी UCC से लेकर जुड़ा है. भले ही कानून अभी तक लागू नहीं हुआ है लेकिन इसपर चल रही सियासत विधानसभा से गली मोहल्ले में उतरने वाली है. अब यह मुस्लिम समाज इसके लिए पूरा खाका तैयार कर रहा है. आइये जानें क्या है इनका पूरा प्लान?

अनुच्छेद 29 को करेगा प्रभावित

कांग्रेस नेता आरिफ मसूद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि UCC के विरोध में मुस्लिम वर्ग 16 से 20 अगस्त तक पूरे भोपाल में अभियान चलाने वाले हैं. इस दौरान वे राज्यपाल, राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन (मेमोरेंडम) सौपेंगे.

उन्होंने बताया इस आंदोलन में मुस्लिम संगठनों के साथ अन्य सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाएगा. इसमें मसूद के साथ मुस्लिम वर्ग के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद होंगे.

आरिफ मसूद का कहना है कि समान नागरिक संहिता के लागू होने से संविधान के अनुच्छेद 29 (सांस्कृतिक संरक्षण) के तहत उनके अधिकार प्रभावित होंगे.

मध्य प्रदेश में कब लागू हुआ UCC?

बता दें कि जुलाई 2026 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता का विधेयक को पेश किया था. यह विधेयक विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से पारित हो गया था, जिसके बाद उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता लाने वाला चौथा राज्य बन गया.

हालांकि, यह कानून अभी तक मध्य प्रदेश में लागू नहीं हुआ है. इस कानून को आधिकारिक तौर पर लागू करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी अभी भी बाकी है. वहीं, राज्यपाल की मंजूरी के बाद  राज्य सरकार की ओर से एक गजट नोटिफिकेशन के बाद यह कानून आधिकारिक रूप से पूरे प्रदेश में प्रभावी होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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