Bharat Express DD Free Dish

नीतीश ‘अतीत’, सम्राट वर्तमान पर, कैबिनेट कहां? बिहार में सरकार गठन के 14 दिन बाद भी विस्तार पर सन्नाटा, यहां फंसा है असली पेंच

Bihar Cabinet Expansion Delay: नई सरकार के गठन के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग हैं. वहीं दोनों डिप्टी सीएम के पास 18 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. विपक्ष लगातार मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होने को मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रही है.

Bihar Cabinet Expansion Delay

Bihar Cabinet Expansion Delay

Bihar Cabinet Expansion Delay: बिहार में नीतीश कुमार अब अतीत बन चुके हैं. नई सरकार की चाबी अब सम्राट चौधरी के पास है. बिहार में सरकार गठन के करीब दो सप्ताह बीतने के बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया जा सका. जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अफवाहें उड़नी शुरू हो गई हैं. बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले पंडितों ने इसे जहां पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हां और नीतीश के बेटे निशांत कुमार को जिम्मेदार बताया है, तो वहीं विपक्ष ने बीजेपी और जदयू के अंदर सरकार गठन को लेकर खींचतान का आरोप लगाया है. हालांकि जदयू ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया है.

नई सरकार के गठन के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग हैं. वहीं दोनों डिप्टी सीएम के पास 18 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है.

विपक्ष लगातार मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होने को मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रही है. आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद का कहना है कि सरकार को जनता और बिहार में होने वाले विकास कार्यों से कोई लेनादेना नहीं है. एनडीए गठबंधन के दल मलाईदार मंत्रालय की चाहत में आपस में जोरदार खींचतान कर रहे हैं.

विजय सिन्हा और निशांत फैक्टर भी कर रहा देरी

बिहार की राजनीति के जानकार विपक्ष के इस आरोप को निराधार बता रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार कौशलेंद्र प्रियदर्शी का कहना है कि बिहार में बीजेपी की सरकार पहली बार बनी है, ऐसे में बीजेपी हाई कमान का मंत्रालय के बंटवारे में हस्तक्षेप सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व अभी बंगाल चुनाव में व्यस्त है. हालांकि उन्होंने इस देरी में विजय सिन्हा फैक्टर को भी जिम्मेदार ठहराया है. कौशलेंद्र प्रियदर्शी की माने तो मंत्रालय का बंटवारा अभी तक नहीं होने में पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और निशांत फैक्टर भी काफी हद तक जिम्मेदार है.

हालांकि जदयू ने आरजेडी के सभी आरोपों को निराधार और बेतुका बताया है. जदयू के प्रवक्ता निहोरा प्रसाद यादव ने कहा कि एनडीए के बड़े नेता जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालकर फैसला लेंगे.

मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के तीन प्रमुख कारण

बिहार की राजनीति में लगातार खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. सूत्रों की माने तो मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी की तीन मुख्य वजहें नजर आ रही हैं. पहला- परिपाटी के अनुसार जिस पार्टी का मुख्यमंत्री रहा है उसके मंत्रियों की संख्या कम रही है.

ये भी पढ़ें- ‘हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा’, प्रयागराज में जुटे ‘महाभारत’ के सितारे; बागेश्वर बाबा के मंच से कर दिया बड़ा ऐलान!

दूसरा- सम्राट चौधरी के बराबर रहे पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हां को मंत्रालय में एडजेस्ट कैसे किया जाए? और तीसरा जदयू कोटे से पुराने मंत्रियों को रिपीट किया जाए या निशांत कुमार के चहेते कुछ युवा विधायकों को जगह दी जाए. ऐसे ही कुछ पेंच की वजह से मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हो रही है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read