
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) अपनी दो दिवसीय बिहार यात्रा के बाद रविवार को दिल्ली लौट चुके हैं. इसके एक दिन बाद ही बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के MLA गुलाम गौस सोमवार, 31 मार्च 2025 को अचानक राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे.
गुलाम गौस को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद करीबी नेता माना जाता है. उनकी यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की.
जानकारी के मुताबिक, गुलाम गौस ने लालू यादव से मिलकर उन्हें ईद की मुबारकबाद दी. इस दौरान उन्होंने रमजान के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यह महीना बेहद पाक होता है और इसका असली उद्देश्य सिर्फ भूखा रहना नहीं, बल्कि अपनी इंद्रियों पर काबू पाना और बुराइयों के खिलाफ लड़ना है.
बिहार की सियासत में बढ़ती हलचल
गुलाम गौस ने अपनी इस मुलाकात को व्यक्तिगत बताते हुए मीडिया से इसे राजनीतिक रंग न देने की अपील की. हालांकि, उनकी यह भेंट ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में एनडीए नेताओं को एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया था. अमित शाह की इस बैठक के तुरंत बाद गुलाम गौस का लालू यादव से मिलना कई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे रहा है.
मुलाकात के दौरान गुलाम गौस से वक्फ बिल पर प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उनकी इस चुप्पी से बिहार की सियासत में और भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. अब देखना यह होगा कि आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बिहार की राजनीति में और क्या बदलाव देखने को मिलते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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