Janardan Mishra Controversy: मध्य प्रदेश की रीवा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जनार्दन मिश्रा अपने तीखे और बेबाक बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर जमकर निशाना साधा और विवादित टिप्पणी कर दी.
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरत का 80% ईंधन आयात करता है और देश में पर्याप्त शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध नहीं है. ब्राजील में 100% एथेनॉल पर गाड़ियाँ चलने का उदाहरण देते हुए उन्होंने नीति का बचाव किया और विवादित लहजे में पूछा कि जब देश में शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं, तो क्या विरोध करने वालों के बाप के घर से आएगा.
देश में ईंधन की आपूर्ति संभव नहीं (Janardan Mishra viral statement Rewa)
रीवा एयरपोर्ट पर भोपाल और कोलकाता के लिए नई उड़ानों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद जनार्दन मिश्रा ने देश में आत्मनिर्भरता और रोजगार के मुद्दों पर बात की. भाषण के दौरान जब उन्होंने केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति का जिक्र किया, तो उनका रुख बेहद आक्रामक हो गया. उन्होंने बघेली और हिंदी के मिले-जुले लहजे में विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत में केवल 20 प्रतिशत कच्चा तेल खुद का होता है, जबकि 80 प्रतिशत आवश्यकता के लिए देश विदेशों पर निर्भर है. ऐसे में एथेनॉल मिलाए बिना देश में ईंधन की आपूर्ति संभव नहीं है.
सांसद मिश्रा ने एथेनॉल का विरोध करने वालों से सवाल किया कि जब देश में पर्याप्त शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध ही नहीं है, तो लोग इसकी मांग कैसे कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि वाहन निर्माता कंपनियां (ऑटोमोबाइल सेक्टर) स्पष्ट कर चुकी हैं कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से इंजनों में कोई समस्या नहीं आती और भारतीय वाहन पूरी तरह एथेनॉल से चलने में सक्षम हैं.
पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने पर आंदोलन हो रहा, शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा, शुद्ध पेट्रोल देश में है हीं नहीं – जनार्दन मिश्रा… रीवा सांसद pic.twitter.com/e3xsks0cIJ
— Brajesh Rajput (@drbrajeshrajput) August 9, 2026
18,000 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही (Petrol Ethanol blending news)
वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति मार्गों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकटों के कारण तेल जहाजों को भारत पहुंचने के लिए लगभग 18,000 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. ऐसे समय में एथेनॉल के इस्तेमाल का विरोध करना बेतुका है. उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां गाड़ियां 100 प्रतिशत एथेनॉल से सुचारू रूप से चल रही हैं, इसलिए भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देना देश के हित में है.
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-भारत एक्सप्रेस
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