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Budget 2026: निर्मला सीतारमण के 9 बजट और 9 साड़ियां, क्या कहता है इतिहास?

Nirmala Sitharaman Saree History: 2019 की गुलाबी मैंगलगिरी से लेकर 2026 (Budget 2026) की पर्पल कांजीवरम तक. जानिए वित्त मंत्री के हर बजट लुक और देश के बढ़ते बजट आकार की पूरी कहानी

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Nirmala Sitharaman Budget 2026: आज यानी 1 फरवरी 2026 को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश कर इतिहास रच दिया है. इस बार सबकी नजरें न केवल उनके आर्थिक ऐलानों पर थीं, बल्कि उनके पहनावे पर भी थीं. वित्त मंत्री आज संसद भवन में गहरे पर्पल और ब्राउन रंग की कांजीवरम सिल्क साड़ी में पहुंचीं. तमिलनाडु के हैंडलूम का प्रतीक यह साड़ी न केवल भारतीय संस्कृति की भव्यता को दर्शाती है, बल्कि इस बार के बजट में स्थिरता और ‘विकसित भारत’ के संकल्प का भी संकेत देती है.

वित्त मंत्री का बजट वाला दिन केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि भारतीय टेक्सटाइल और परंपरा के प्रदर्शन का भी दिन बन चुका है. आइए जानते हैं, 2019 से लेकर 2026 तक कैसे बदलता गया निर्मला सीतारमण का अंदाज और देश का बजट.

2019 से 2026: साड़ियों के रंग और अर्थव्यवस्था के ढंग

निर्मला सीतारमण ने जब 2019 में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला था, तब से लेकर आज तक उन्होंने औपनिवेशिक ‘ब्रीफकेस’ परंपरा को तोड़कर भारतीय ‘बही-खाता’ और अब ‘डिजिटल टैबलेट’ को स्थापित किया है.

2019: परंपरा की वापसी (गुलाबी मैंगलगिरी)

अपने पहले बजट (2019-20) में निर्मला सीतारमण ने गुलाबी रंग की मैंगलगिरी साड़ी (गोल्ड बॉर्डर के साथ) पहनी थी. इसी साल उन्होंने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे चमड़े के ब्रीफकेस को त्यागकर लाल रंग के ‘बही-खाता’ में बजट दस्तावेज पेश किया. इस बार बजट का आकार बजट आकार लगभग ₹27.84 लाख करोड़ रहा.

2019 union budget 2026 fm nirmala sitharaman saree

2020: उम्मीद की किरण (पीली सिल्क)

कोविड से ठीक पहले के इस बजट (2020-21) में वित्त मंत्री पीली-सुनहरी रेशमी साड़ी में नजर आईं. पीला रंग समृद्धि और उम्मीद का प्रतीक माना जाता है. इसी साल उन्होंने भारत के इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण दिया था. बजट आकार बढ़कर लगभग ₹39.33 लाख करोड़ (संशोधित) पहुंचा.

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2021: डिजिटल क्रांति (लाल-सफेद पोचमपल्ली)

कोरोना काल के बाद आए इस बजट (2021-22) में वित्त मंत्री ने तेलंगाना की प्रसिद्ध लाल और सफेद पोचमपल्ली (Ikat) साड़ी पहनी. यह साल ऐतिहासिक था क्योंकि पहली बार बजट कागज रहित (Paperless) हुआ और वित्त मंत्री ने ‘बही-खाता’ की जगह ‘टैबलेट’ से बजट पढ़ा. बजट आकार लगभग ₹44 लाख करोड़ रहा.

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2022: हैंडलूम को सम्मान (बॉमकाई साड़ी)

वर्ष 2022-23 के बजट में उन्होंने ओडिशा की पारंपरिक भूरे रंग की बॉमकाई (Bomkai) साड़ी को चुना. रस्टी ब्राउन और मरून रंग की इस साड़ी के जरिए उन्होंने हथकरघा बुनकरों के हुनर को दुनिया के सामने रखा.

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2023: संस्कृति का रंग (टेम्पल बॉर्डर)

2023-24 के बजट में निर्मला सीतारमण लाल और काले रंग की टेम्पल बॉर्डर साड़ी में दिखीं, जिस पर कसूती (Kasuti) कढ़ाई का काम था. यह दक्षिण भारत की वास्तुकला और परंपरा का संगम था. बजट आकार लगभग ₹47.16 लाख करोड़ रहा.

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2024: निरंतरता का प्रतीक (कन्था और टसर)

चुनावी वर्ष होने के कारण 2024 में दो बार बजट पेश हुआ. अंतरिम बजट में उन्होंने नीली कन्था साड़ी पहनी, जबकि पूर्ण बजट में ऑफ-व्हाइट और मैजेंटा हैंडलूम साड़ी में दिखीं. बजट आकार का लगभग ₹50 लाख करोड़ के करीब पहुंचा.

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2025: लोक कला की झलक (मधुबनी)

पिछले साल (2025-26) वित्त मंत्री ने बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी (मछली डिजाइन) वाली ऑफ-व्हाइट हैंडलूम साड़ी पहनकर पूर्वी भारत की कला को सम्मान दिया. बजट आकार का ₹50.65 लाख करोड़ (अनुमानित) रहा.

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2026: आज का बजट (पर्पल कांजीवरम)

आज, अपने 9वें और ऐतिहासिक बजट (2026-27) के लिए निर्मला सीतारमण ने पर्पल-ब्राउन रंग की कांजीवरम साड़ी को चुना है. यह चयन न केवल उनके गृह राज्य तमिलनाडु की जड़ों से जुड़ा है, बल्कि बजट में मजबूती और शाही गंभीरता का भी संदेश देता है. साल 2019 में जब देश का बजट 27 लाख करोड़ रुपये के आसपास था, तब से लेकर 2026 तक भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक लंबा सफर तय किया है. निर्मला सीतारमण की साड़ियां महज एक पहनावा नहीं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का एक सशक्त बयान रही हैं.



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