डॉ. स्नेहाशीष वर्धन
बिहार के बक्सर जिले के इटाढ़ी इलाके में बने रेल ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. जिस पुल का काम कई सालों से चर्चा में था और जिसे लेकर चार बार शिलान्यास भी किया गया, वह अब उद्घाटन से पहले ही दरार पड़ने की वजह से सवालों के घेरे में आ गया है. स्थानीय लोगों से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस मुद्दे ने हलचल मचा दी है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में तैयार किए गए इस आरओबी को 31 मई से पहले जनता के लिए खोल दिया गया था. इसके बाद पुराने इटाढ़ी रेल गुमटी फाटक को बंद कर दिया गया. लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि महज कुछ ही दिनों के भीतर पुल में दरार दिखाई देने लगी. इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस रफ्तार से चुनाव से ठीक पहले इस पुल का काम पूरा किया गया, उसमें कई जरूरी मानकों और सुरक्षा जांचों को नजरअंदाज किया गया.
कांग्रेस ने किया सरकार पर हमला
इस मामले पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रोजेक्ट शुरुआत से ही लापरवाही और अनियमितताओं से घिरा रहा है. उनके मुताबिक, वर्षों तक इस आरओबी का काम लटका रहा और जैसे ही चुनाव नजदीक आए, निर्माण में अचानक तेजी दिखाकर इसे जल्दबाजी में पूरा कर दिया गया.
डॉ. वर्धन का कहना है कि निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इसे नजरअंदाज किया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुल और सड़क निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की वजह से ऐसे हालात बन रहे हैं, जिससे जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.
चौसा का मामला भी उठाया गया
इसी के साथ उन्होंने बक्सर जिले के चौसा में बने एक और नए आरओबी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी उद्घाटन से पहले ही सड़क धंसने की शिकायत सामने आई थी. उनका दावा है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम में गहरी खामियां दिख रही हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर गड़बड़ी साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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