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नवादा में होली से ठीक पहले उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है. NH-20 पर छापेमारी कर 57 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई. इस कार्रवाई ने एक बार फिर राज्य में सक्रिय शराब तस्करी रैकेट की पोल खोल दी है.
अमन/नवादा: नवादा में होली से पहले की गई इस बड़ी कार्रवाई ने शराब माफिया की एक और साजिश को बेनकाब कर दिया है. 57 कार्टन विदेशी शराब की बरामदगी न केवल उत्पाद विभाग की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि शराबबंदी के बावजूद तस्कर त्योहारों के मौके पर अवैध सप्लाई की कोशिश में लगे रहते हैं. इसलिए प्रशासन अब पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में लगा है, जिससे भविष्य में ऐसी तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके. चलिए जानते है पूरा मामला:
क्या है पूरा मामला?
गुरुवार को NH-20 पर फरहा मोड़ के पास उत्पाद विभाग की टीम ने एक पिकअप को रोककर तलाशी ली. गहन जांच के दौरान वाहन के बीच हिस्से में ‘Cow Mat’ में लपेटकर छिपाई गई शराब बरामद हुई. कुल 57 कार्टन विदेशी शराब जब्त की गई, जिसमें 1704 बोतलें और लगभग 507.960 लीटर शराब शामिल है. साथ ही वाहन को भी जब्त कर लिया गया है.
आरोपी की गिरफ्तारी
मौके पर चालक अमित कुमार (बोकारो, झारखंड निवासी) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पूछताछ में उसने बताया कि शराब झारखंड से हाजीपुर ले जाई जा रही थी और होली से पहले बिहार में इसे बेचने की तैयारी थी. विभाग आरोपी से पूछताछ कर रैकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है.
तस्करी का प्रमुख रूट NH-20
NH-20 को झारखंड से बिहार में शराब तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता है. तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाते हैं, जैसे गुप्त तहखाने बनाना, सामान के बीच शराब छिपाना या अन्य वस्तुओं में लपेटकर उन्हें बेचना. इस बार भी ‘Cow Mat’ का सहारा लिया गया, लेकिन उत्पाद विभाग की सतर्कता से तस्करी की कोशिश विफल हो गई.
हालांकि, बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद तस्करी की घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही हैं. यह कार्रवाई राज्य में सक्रिय संगठित शराब माफिया नेटवर्क को उजागर करती है. विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
Edited By: Shubhra Rai (Intern)
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