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BJP कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, मामला बाहर आया तो मची किरकिरी… ‘मंत्री जी’ के सामने हुई धक्का-मुक्की

छत्तीसगढ़ के सुरजपुर में कृषि महाविद्यालय भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान BJP कार्यकर्ताओं के बीच मंच पर मारपीट हुई. मंत्री रामविचार नेताम मौजूद थे.

Chhatisgarh bjp workers clash

रिपोर्ट- आनंद मिश्रा


छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धोंधा में कृषि महाविद्यालय के निर्माण को लेकर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब मंच पर ही भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की घटना सामने आई. कार्यक्रम में स्थानीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते और प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम मौजूद थे.

कृषि महाविद्यालय की स्थापना को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह था. बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. विधिविधान से पूजा-अर्चना कर भूमि पूजन किया गया और मंच पर प्रदेश व स्थानीय स्तर के कई नेता उपस्थित रहे. शुरुआत में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था.

मंच पर धक्का-मुक्की और मारपीट

इसी दौरान मंच पर भाजपा के वर्तमान मंडल अध्यक्ष मुकेश तायल और प्रदेश पदाधिकारी अनुप गुप्ता के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले तीखी बहस हुई, फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया. मंच पर ही धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई. घूंसे चलने तक की नौबत आ गई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई.

पुराने विवाद के चलते मचा हड़कंप

बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच लंबे समय से अंदरूनी खींचतान चल रही थी, जो इस सार्वजनिक कार्यक्रम में खुलकर सामने आ गई. मंच पर मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव की कोशिश की. काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा.

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम मंत्री रामविचार नेताम और विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते की मौजूदगी में हुआ. बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया.


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विपक्ष ने उठाए सवाल

भूमि पूजन जैसे विकासात्मक सरकारी कार्यक्रम में हुई इस घटना ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाते हुए सत्तारूढ़ दल पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है. हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. फिलहाल, क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और संगठनात्मक कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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