Blind Murder: नतांश पटेल/चूरू: राजस्थान के चूरू में पुलिस ने एक ऐसे खौफनाक ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस की गुत्थी सुलझा ली है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था. राजलदेसर थाना क्षेत्र के हरासर गांव की रहने वाली एक महिला की हत्या का आरोपी हंसराज मेघवाल अब सलाखों के पीछे है. इस केस की परतें जब खुलनी शुरू हुईं, तो सामने आया मंजर किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा रोंगटे खड़े कर देने वाला था.
क्या था पूरा मामला?
मामले की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई थी. हरासर निवासी गौतम ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी मां, बिरजू देवी, 7 नवंबर को घर से निकली थीं लेकिन कभी वापस नहीं लौटीं. शुरुआती दिनों में परिवार ने अपने स्तर पर खोजबीन की, और फिर 11 नवंबर को बीदासर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई.
परिवार की चिंता तब और बढ़ गई जब हफ्तों बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला. लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आया जब 4 दिसंबर को थामड़ा जोहड़ा (राष्ट्रीय राजमार्ग के पास) स्थित एक पानी के कुंड से एक प्लास्टिक का कट्टा मिला. जब उस कट्टे को खोलकर देखा गया, तो अंदर से एक महिला का शव निकला, जिसे पत्थरों के साथ बांधकर पानी में डुबोया गया था. परिजनों ने शव की पहचान बिरजू देवी के रूप में की.
‘ब्लाइंड’ केस और गायब आरोपी
यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था. बिरजू देवी के बेटे गौतम ने पुलिस को बताया था कि उनकी मां का हंसराज मेघवाल नाम के शख्स के साथ प्रेम संबंध था. परिवार ने हंसराज को पहले भी कई बार समझाया था, लेकिन वह बाज नहीं आ रहा था और लगातार बिरजू देवी को साथ ले जाने की धमकियां दे रहा था.
पुलिस को पूरा शक हंसराज पर था, लेकिन वह इतना शातिर निकला कि घटना के बाद से ही भूमिगत हो गया. उसने अपना मोबाइल फोन पूरी तरह बंद कर दिया था और अपने किसी भी परिचित या रिश्तेदार से संपर्क नहीं रखा. वह दिल्ली, गुजरात, नागपुर, बालोतरा और जोधपुर जैसे शहरों में ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा.
कैसे पकड़ा गया शातिर आरोपी?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार और रतनगढ़ एसपी इनसार अली के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने हार नहीं मानी और साइबर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हंसराज की गतिविधियों का पीछा करना शुरू किया. पुलिस ने न केवल राजस्थान, बल्कि गुजरात सीमा तक मजदूरों और फैक्ट्री मालिकों से पूछताछ की.
बता दें कि तकनीकी विश्लेषण और सूचना संकलन के जरिए पुलिस को उसके ठिकाने का पता चला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. 3 मार्च को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया है.
वहीं, राजलदेसर थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ अभी जारी है. फिलहाल, पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जो इस हत्याकांड की साजिश के पीछे छुपी थीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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