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Shopian Cloudburst: कुदरत का तांडव! बादल फटने से जम्मू-कश्मीर के बदरहामा में आई बाढ़, डरा देंगी ये तस्‍वीरें

SHOPIAN CLOUDBURST FLASH FLOODS: दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के बदरहामा गांव में बादल फटने से कोहराम मच गया, ऐशमुकाम-पहलगाम मार्ग बंद हुआ और लंगनाई ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ.

SHOPIAN CLOUDBURST FLASH FLOODS
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Rayees Ahmad Magray


जम्मू-कश्मीर के दक्षिण हिस्से में स्थित शोपियां जिले के बदरहामा (Badrhama) गांव में आज मूसलाधार बारिश के दौरान बादल फट (Cloudburst) गए. इस प्राकृतिक आपदा के चलते क्षेत्र में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आ गई, जिससे निचले इलाकों में अथाह पानी और मलबा आ गया. पता चलते ही स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया, जो प्रभावित निवासियों की मदद करने और नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं.

पहलगाम मार्ग बंद, लंगनाई में पुल हुआ क्षतिग्रस्‍त

अचानक आई इस फ्लैश फ्लड के चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण ऐशमुकाम–पहलगाम मार्ग (Aishmuqam–Pahalgam Road) को लंगनाल ब्रिज के पास पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. इसके अलावा, लंगनाई बदकूट (Langnai Batkoot) स्थिति ब्रिज को भी पानी के भयानक वेग से भारी नुकसान पहुंचा है. एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मटमैले पानी का तेज सैलाब गांव की ओर बह रहा है, जिससे रास्ते मलबे और पत्थरों से भर गए हैं.

खुद ही रास्तों की सफाई में जुटे स्थानीय निवासी

स्थानीय निवासी फावड़े और कुदाल की मदद से खुद ही रास्तों से पत्थर हटाकर पानी का रुख मोड़ने की कोशिश करते दिख रहे हैं. तेज बहाव के कारण कुछ वाहन भी कीचड़ में धंसे हुए नजर आ रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर में हाल के समय की बड़ी घटनाएं

जम्मू-कश्मीर का पहाड़ी इलाका पिछले कुछ वर्षों में मानसून के दौरान लगातार बादलों के फटने (Cloudbursts) की मार झेल रहा है:

अमरनाथ गुफा के पास (जुलाई 2022): पवित्र गुफा के पास बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में 16 से अधिक श्रद्धालुओं की जान चली गई थी और कई टेंट बह गए थे.

किश्तवाड़ के होंजर गांव (जुलाई 2021): भीषण बाढ़ में 7 लोगों की मौत हुई थी और पूरा गांव तबाह हो गया था.

गांदरबल के कंगन (अगस्त 2021): कंगन इलाके में बादल फटने से कई मकानों को नुकसान पहुंचा था और श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया था.

डोडा जिला (जुलाई 2017): डोडा में बादल फटने से एक ही परिवार के सदस्य बह गए थे और कई स्कूल भवन ध्वस्त हो गए थे.

कारगिल/लद्दाख बॉर्डर (अगस्त 2020): कारगिल के पास निचले इलाकों में अचानक आई बाढ़ से कृषि योग्य भूमि और फसलें नष्ट हो गई थीं.

बांदीपोरा का अलोसा (जुलाई 2023): अचानक आए मलबे ने दर्जनों घरों को चपेट में ले लिया था और सड़कें पूरी तरह बह गई थीं.

अनंतनाग का कोकरनाग (अगस्त 2022): बादल फटने से स्थानीय नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया था, जिससे कई फुटब्रिज बह गए थे.

रामबन जिला (मई 2023): अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) दिनों तक बंद रहा था.

किश्तवाड़ का पाडर क्षेत्र (अगस्त 2023): दूरदराज के इस इलाके में बादल फटने से पैदल मार्ग और सुरक्षा पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे.

पुलवामा का त्राल (जुलाई 2024): खेतों और बागों में जलभराव के कारण सेब के बागानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा था.

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