सीएम मोहन यादव.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल स्थित लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच प्रदेश के विकास, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और आने वाले समय की कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से बातचीत हुई. मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी भी राज्यपाल को दी.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि इस विषय पर प्रदेशभर से लोगों के सुझाव लगातार प्राप्त हो रहे हैं और अब तक नौ लाख से ज्यादा सुझाव सरकार तक पहुंच चुके हैं. इन सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है. मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को इस पूरी प्रक्रिया और आगामी योजना से भी अवगत कराया.
विकास योजनाओं पर भी हुई चर्चा
यूसीसी के अलावा बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ. मुख्यमंत्री ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति और उसके सकारात्मक परिणामों पर चर्चा की गई. साथ ही गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के दौरान आयोजित होने वाले शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों की भी जानकारी साझा की गई.
इसके अलावा प्रदेश की चार कृषि उपज को मिले जीआई टैग से किसानों को होने वाले फायदे, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने, स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन, नए औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे.
यूसीसी को लेकर सरकार की तैयारी तेज
राज्य सरकार फिलहाल समान नागरिक संहिता को लेकर लोगों से लगातार संवाद कर रही है. अलग-अलग वर्गों और संगठनों से सुझाव लेने का सिलसिला जारी है ताकि कानून का मसौदा व्यापक जनभागीदारी के आधार पर तैयार किया जा सके. सरकार की कोशिश है कि जुलाई में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान यूसीसी का प्रारूप सदन में पेश किया जाए.
हालांकि मुख्यमंत्री और राज्यपाल की यह मुलाकात आधिकारिक तौर पर सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर थी, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके अलग मायने भी निकाले जा रहे हैं. चर्चा है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. ऐसे में इस मुलाकात को संभावित कैबिनेट विस्तार से जोड़कर भी देखा जा रहा है. हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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