राउज एवेन्यू कोर्ट.
नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (कोल मामले) ने 6 जून 2025 को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में JAS इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक मनोज कुमार जायसवाल को दोषी करार दिया है.
यह फैसला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच किए गए कोल ब्लॉक आवंटन मामलों में 19वीं दोषसिद्धि है. शुरू में CBI ने इस मामले में 20 नवंबर 2014 को अंतिम रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) दाखिल कर केस बंद करने की सिफारिश की थी, लेकिन विशेष अदालत ने आरोपों का संज्ञान लेते हुए आरोप तय कर दिए थे.
गलत जानकारी देकर हासिल किया कोल ब्लॉक आवंटन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, JAS इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमोटरों ने कंपनी की वित्तीय स्थिति और ऋण प्राप्ति से संबंधित जानकारियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया. इसके अलावा, उन्होंने अन्य असंबंधित कंपनियों जैसे Inertia Iron & Steel Industries Pvt. Ltd. और IL&FS की नेटवर्थ को अपनी कंपनी की नेटवर्थ के रूप में दिखाया, ताकि माहूगढ़ी कोल ब्लॉक का आवंटन प्राप्त किया जा सके. इतना ही नहीं, उन्होंने पूर्व में अपनी समूह कंपनियों को हुए कोल ब्लॉक आवंटन की जानकारी को जानबूझकर छुपाया.
CBI ने ट्रायल के दौरान 18 गवाहों को पेश किया और कई सबूतों के आधार पर कोर्ट ने M/s JAS इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल प्रा. लि. और उसके निदेशक मनोज कुमार जायसवाल को दोषी पाया. हालांकि, तीनों सरकारी अधिकारियों — एच.सी. गुप्ता, के.एस. क्रोफा और के.सी. समारिया — को अदालत ने बरी कर दिया है. अब इस केस में दोषियों को दी जाने वाली सजा पर बहस 8 जुलाई 2025 को होगी.
CBI ने कहा है कि वह प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में सभी दोषियों को न्याय के दायरे में लाने का उसका प्रयास लगातार जारी रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


