प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के अनुरूप और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) लगातार अपने क्षेत्रों को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए प्रयासरत है. इसी कड़ी में एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने जानकारी दी है कि मिस्ट स्प्रेयर प्रोजेक्ट का दूसरा चरण अब शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत शांति पथ और अफ्रीका एवेन्यू जैसे प्रमुख इलाकों में बिजली के खंभों पर मिस्ट स्प्रेयर लगाए जा रहे हैं.
कैसे काम करता है मिस्ट स्प्रेयर सिस्टम?
चहल ने बताया कि यह अत्याधुनिक प्रणाली वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने का प्रभावी तरीका है. इन स्प्रेयर्स से निकली बारीक जल बूंदें हवा में मौजूद धूल और प्रदूषकों को जमाने में मदद करती हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता सुधरती है और लोगों को स्वच्छ वातावरण में सांस लेने का अवसर मिलता है. यह व्यवस्था न केवल प्रदूषण को कम करती है, बल्कि हरियाली के रखरखाव और उपचारित जल के उपयोग से जल संरक्षण को भी बढ़ावा देती है.
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का पहला चरण लोधी रोड पर सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जहां 500 मीटर लंबे मार्ग पर 15 मिस्ट स्प्रेयर लगाए गए थे. यह पहल लगभग ₹34 लाख की लागत से पूरी हुई थी और इसे विभिन्न क्षेत्रों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई.
अब दूसरे चरण में अफ्रीका एवेन्यू पर 850 मीटर के दायरे में 30 बिजली के खंभों पर मिस्ट स्प्रेयर लगाए जाएंगे. हर खंभे में पांच नोजल होंगे, जिनमें से प्रत्येक में छह छिद्र होंगे यानी एक खंभे से कुल 30 बिंदुओं से पानी का छिड़काव होगा. प्रत्येक खंभे से प्रति घंटे लगभग 84 लीटर उपचारित जल का उपयोग किया जाएगा. इसके लिए चार टैंक (प्रत्येक 5000 लीटर क्षमता) स्थापित किए जाएंगे. इसी तरह शांति पथ पर भी लगभग 900 मीटर लंबे क्षेत्र में यह सिस्टम लगाया जाएगा. इसके कार्य आदेश जारी किए जा चुके हैं और परियोजना के जुलाई-अगस्त 2025 के दौरान पूरा होने की उम्मीद है.
NDMC का संकल्प: बेहतर जीवन, स्वच्छ पर्यावरण
चहल ने यह भी बताया कि एनडीएमसी ने पहले से ही कई उन्नत प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू किए हैं. जीपीएस ट्रैकिंग से लैस मैकेनिकल रोड स्वीपर्स के जरिए सड़कों की सफाई की जा रही है, जिन्हें स्मार्ट सिटी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटर किया जाता है. परिषद द्वारा खरीदी गई एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट स्प्रे मशीनें नियमित रूप से धूल और प्रदूषकों को नियंत्रित करने में प्रयुक्त की जाती हैं. साथ ही, ताजे पानी की बर्बादी से बचने के लिए 5000 से 10000 लीटर क्षमता वाले टैंकरों से उपचारित जल का छिड़काव पेड़-पौधों पर किया जाता है.
हरियाली को बढ़ावा देने के लिए एनडीएमसी नियमित रूप से वृक्षारोपण अभियानों का संचालन करता है. सड़कों के किनारे हरित पट्टियों का रखरखाव, नियमित सिंचाई और निर्माण स्थलों पर प्रभावी धूल नियंत्रण जैसे उपाय भी किए जा रहे हैं.
चहल ने कहा कि टीम एनडीएमसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “Ease of Living” मिशन और ‘विकसित भारत@2047’ की भावना से प्रेरित है. टीम का संकल्प है कि पर्यावरणीय स्थिरता, प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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