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कांग्रेस की नई रणनीति: राष्ट्रीय सुरक्षा के सवालों पर सरकार को घेरेगी विपक्ष

ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी के आरोपों और कांग्रेस के 10 सवालों ने सियासी माहौल गरमा दिया है.

Operation Sindoor
Edited by Akansha

देश की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ता हुआ नजर आ रहा है. हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, केंद्र सरकार पर हमलावर हो गई है.

सरकार से नाराज़गी की वजह क्या है?

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए जो डेलिगेशन विदेश भेजने का फैसला किया था, उसमें विपक्षी दलों द्वारा सुझाए गए नामों की उपेक्षा करते हुए खुद ही नाम तय कर लिए. इससे कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को यह संदेश गया कि सरकार एकतरफा फैसले ले रही है और विपक्ष को केवल ‘सूचना’ देने योग्य समझ रही है, सहभागिता योग्य नहीं.

राहुल गांधी का तीखा हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे तौर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर को निशाने पर लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारी पहले से पाकिस्तान को दे दी थी, जिससे आतंकियों को पहले से भनक लग गई. हालाँकि, विदेश मंत्रालय ने राहुल के इस बयान को ‘भ्रामक’ और ‘तथ्यहीन’ बताया है, लेकिन कांग्रेस अपने रुख पर कायम है.

कांग्रेस की रणनीति: 10 तीखे सवालों के साथ सरकार को घेरेगी

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर एक रिटन डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जिसमें 10 सवाल शामिल हैं. ये सवाल राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति, और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता से जुड़े हैं. इनमें कुछ प्रमुख सवाल हैं:

1. पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक क्यों हुई?

2. हमले से पहले पहलगाम में सुरक्षा घटाई क्यों गई?

3. हमले के दोषी आतंकी अब तक पकड़े क्यों नहीं गये?

4. ऑपरेशन सिंदूर में क्या हमारे लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुए?

5. क्या विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को पहले से जानकारी दी थी?

6. मुख्य आतंकी जैसे हाफिज सईद और अज़हर मसूद कैसे बच निकले?

7. सीजफायर की शर्तें क्या थीं?

8. क्या अमेरिका ने दबाव बनाया? ट्रंप के बयान पर सरकार चुप क्यों है?

9. प्रधानमंत्री सर्वदलीय बैठक से क्यों बच रहे हैं?

10. संसद का विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया गया?

कांग्रेस ने अपने नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानों में इन्हीं सवालों को आधार बनाया जाए. पार्टी लाइन से हटने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. साथ ही ‘जयहिंद सभाएं’ नाम से देशभर में जनसभाएं आयोजित कर सरकार से जवाब मांगने की योजना बनाई गई है.

यह साफ है कि कांग्रेस अब एक आक्रामक विपक्ष की भूमिका में आ चुकी है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक गर्माएगा, और जनता के बीच एक नई बहस को जन्म देगा.

-भारत एक्सप्रेस 



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