विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि दुनिया को ऐसा कोई अमेरिकी राष्ट्रपति कभी नहीं मिला जिसने विदेश नीति को वर्तमान राष्ट्रपति जितना सार्वजनिक रूप से संचालित किया हो.
दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए, जयशंकर ने कहा, “यह अपने आप में एक बदलाव है जो केवल भारत तक सीमित नहीं है, राष्ट्रपति ट्रंप का दुनिया के साथ, यहां तक कि अपने देश के साथ भी, व्यवहार करने का तरीका पारंपरिक रूढ़िवादी तरीके से बहुत अलग है.”
विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप के अतिरिक्त टैरिफ लागू होने की समय सीमा बस कुछ ही दिन दूर है.
ट्रंप के दावों को खारिज़ तरते हुए एस जयशंकर ने दोहराया कि मई में चार दिनों तक चले भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने में अमेरिका की कोई मध्यस्थता नहीं थी.
एस जयशंकर ने कहा, “मध्यस्थता (भारत-पाक संघर्ष) के मुद्दे पर 1970 के दशक से, यानी 50 से ज़्यादा वर्षों से, इस देश में एक राष्ट्रीय सहमति है कि हम पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में मध्यस्थता स्वीकार नहीं करते हैं.”
सभी के लिए घरेलू किसानों के हित सर्वोपरि है
अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापार वार्ता में घरेलू किसानों के हित सर्वोपरि होते हैं.
विदेश मंत्री ने कहा,
जब किसानों के हितों की, व्यापार की और हमारी रणनीतिक स्वायत्तता की बात आती है, जब मध्यस्थता के विरोध की बात आती है, तो यह सरकार बिल्कुल स्पष्ट है. हमारी स्थिति स्पष्ट है. अगर कोई हमसे असहमत है, तो कृपया भारत के लोगों को बताएं कि आप किसानों के हितों की रक्षा के लिए तैयार नहीं हैं. कृपया भारत के लोगों को बताएं कि आप रणनीतिक स्वायत्तता को महत्व नहीं देते.
उन्होंने कहा कि उन्हें यह “मज़ाकिया” लगा कि व्यापार समर्थक अमेरिकी प्रशासन के लिए काम करने वाले लोग अपने काम से मतलब नहीं रखते और इसके बजाय दूसरों पर व्यापार करने का आरोप लगा रहे हैं.
भारत से तेल या रिफाइंड उत्पाद खरीदने में कोई समस्या है, तो न खरीदें
एस जयशंकर ने कहा कि अगर आपको भारत से तेल या रिफाइंड उत्पाद खरीदने में कोई समस्या है, तो न खरीदें. कोई आपको उसे खरीदने के लिए मजबूर नहीं करता. यूरोप खरीदता है, अमेरिका खरीदता है, इसलिए अगर आपको वह पसंद नहीं है, तो उसे न खरीदें.
हालांकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने अगस्त में भारत की अपनी यात्रा रद्द कर दी, लेकिन जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अभी भी जारी है. व्यापार वार्ता के मामले में उन्होंने किसानों और छोटे उत्पादकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सीमा रेखा खींच दी है.
विदेश मंत्री ने कहा कि (भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता) अभी भी जारी है. लेकिन मूल बात यह है कि हमारे बीच कुछ सीमा रेखाएं हैं. बातचीत अभी भी इस मायने में जारी है कि किसी ने यह नहीं कहा कि बातचीत बंद हो गई है. लोग एक-दूसरे से बात करते हैं. ऐसा नहीं है कि वहाँ कोई ‘कट्टी’ (दोस्ती तोड़ना) हो रही है,”
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-भारत एक्सप्रेस
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