दिल्ली हाई कोर्ट.
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को देवांगना कलिता द्वारा दायर याचिका के संबंध में स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसमें दिल्ली दंगा मामले के संबंध में जाफराबाद में रिकॉर्ड किए गए विरोध प्रदर्शन के वीडियो तक पहुंच की मांग की गई है. जस्टिस संजीव नरूला ने कलिता के वकील आदित एस. पुजारी की दलीलों पर विचार करने के बाद दिल्ली पुलिस को स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया.
कोर्ट 23 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा. वकील पुजारी ने अदालत को सूचित किया कि एक मुद्दा पहले ही ट्रायल कोर्ट के समक्ष हल हो चुका है और आगे इस पर आगे नहीं बढ़ा जा रहा है. हालांकि, उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस ने अभी तक शेष मुद्दों पर आवश्यक स्थिति रिपोर्ट दाखिल नहीं की है.
घटना को बीता 4 साल
कलिता के वकील ने तर्क दिया कि वीडियो फुटेज से चुनिंदा तस्वीरें निकाली गई हैं, जबकि आरोपियों को पूरी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई है. उन्होंने आगे कहा कि वीडियो से पता चलेगा कि जाफराबाद में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया था और आरोप लगाया कि पुलिस चल रही जांच के बहाने वीडियो को रोक रही है.
वकील ने यह भी बताया कि विचाराधीन घटनाओं को चार साल बीत चुके हैं, फिर भी जांच अधूरी है. उन्होंने बताया कि वीडियो को जब्ती की सूची और साक्ष्य की सूची दोनों में संदर्भित किया गया था.
उन्होंने तर्क दिया उनके पास दोनों समुदायों के फुटेज हैं, फिर भी वे दावा करते हैं कि हम अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए जिम्मेदार थे. वीडियो घटनाओं के वास्तविक क्रम को प्रकट करेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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