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दिल्ली हाई कोर्ट ने “2020 दिल्ली” फिल्म की रिलीज रोकने की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली दंगों पर आधारित फिल्म “2020 दिल्ली” की रिलीज और यूट्यूब ट्रेलर पर रोक की मांग वाली याचिका पर हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Quentin Deacon Drug Case
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

दिल्ली दंगों पर आधारित “फिल्म 2020 दिल्ली” की रिलीज और यूट्यूब पर इसके ट्रेलर पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. इसको लेकर दिल्ली दंगों के कथित आरोपी शरजील ईमाम सहित तीन लोगों ने दायर की है. पहली याचिका शरजील ईमाम, दूसरी याचिका पांच व्यक्तियों- दंगों के आरोपी तसलीम अहमद, अकील अहमद और सोनू के साथ-साथ दंगा पीड़ित साहिल परवेज और मोहम्मद अली खान ने दायर की है.वही तीसरी याचिका आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार उमंग ने दायर की है.

जस्टिस सचिन दत्ता ने किया आदेश पारित

जस्टिस सचिन दत्ता ने सभी पक्षों की जिरह के बाद कहा कि हम इसमें आदेश पारित करेंगे. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील महमूद प्राचा ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर सिनेमेटोग्राफी एक्ट की धारा 5 (बी) के साथ ही अदालत की अवमानना का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि फिल्म एक हिमखंड है और ट्रेलर एक छोटे पर्दे के सिरा है. जबकि प्रोडक्शन हाउस की ओर से पेश वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नही है. इसे खारिज किया जाए. उन्होंने कहा कि फिल्म के.सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने अब तक कोई प्रमाणपत्र हासिल नही किया है.

इस फिल्म में दिल्ली दंगों की अनकही सच्चाई की कहानी देखने को मिलेगा. फिल्म में शाहीनबाग से शुरू हुए सीएए विरोध और दिल्ली में भड़के दंगों को दिखाया जाएगा. इस फिल्म की पूरी कहानी 24 फरवरी के इर्दगिर्द घूम रही है.जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल्ली में थे वही दूसरी तरफ दिल्ली में दंगे हो रहे थे. इन दंगों में 53 लोगों की जान चली गई थी. इस फ़िल्म को उस कड़वी सच्चाई को दिखाया गया है जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुकी है. 2020 दिल्ली के माध्यम से फिल्म निर्माता देवेंद्र मालवीय ने कहा इतने भयावह दंगों और आगजनी को सिंगल शॉट आभास देना बहुत बड़ी चुनौती थी, यह फिल्म इस बात का प्रमाण है कि जब रचनात्मकता और दृढ़ संकल्प साथ आते हैं, तो एक फिल्ममेकर अपना लक्ष्य हासिल कर ही लेता है.

पड़ोसी देशों में हिंदू अल्पसख्यकों को किया उजागर

इस फिल्म के जरिए पड़ोसी देशों में हिंदू अल्पसख्यकों की दुर्दशा को उजागर करता है. खासतौर पर इन देशों में हिंदू बेटियों के रेप, हत्या, धर्मांतरण के साथ ही बंधुआ गुलामी जैसे अत्याचारों से त्रस्त भारत आने की उम्मीद में मर रहे है. मिडास टच फिल्म प्रोडक्शन द्वारा विजुअल बर्डस स्टूडियों के सहयोग से निर्मित इस फिल्म का लेखन और निर्देशन देवेंद्र मालवीय ने किया है. जबकि निर्माता नंदकिशोर मालवीय, आशु मालवीय और अमित मालवीय हैं. फिल्म की रचनात्मक निर्देशक विकास कल्पना द्विवेदी है और कार्यकारी निर्माता सैय्यद फराज है.

इसमें बृजेंद्र काला, चेतन शर्मा, आकाशदीप अरोड़ा, सिद्धार्थ भारद्वाज, भूपेश सिंह और समर जय सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह फिल्म 2 फरवरी को रिलीज होने वाली है. इसको लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर फिल्म का प्रचार करके मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. साथ ही चुनाव आयोग से फिल्म के रिलीज करने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

-भारत एक्सप्रेस



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