Delhi Liquor Policy: दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाले के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया. इस फैसले से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने साफ कहा कि इस पूरे मामले में किसी तरह की साजिश साबित नहीं होती और सबूतों की कमी के चलते सिसोदिया को बरी कर दिया गया.
अरविंद केजरीवाल हुए भावुक
फैसला सुनते ही अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपने वकील हरिहरन से गले मिले. कोर्ट ने टिप्पणी की कि जांच अधिकारी ने तथ्यों को सही तरीके से पेश नहीं किया. जज ने कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने इतनी खामियों वाली चार्जशीट देखी है.
कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि आरोपी नंबर 8 और 18 यानी मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. आरोप तभी साबित होते हैं जब ठोस सबूत मौजूद हों, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं है. इसी वजह से दोनों नेताओं को बरी कर दिया गया.
क्या है मामला?
मनीष सिसोदिया उस समय दिल्ली के उपमुख्यमंत्री थे और आबकारी विभाग उन्हीं के पास था. इसी दौरान उन पर घोटाले का आरोप लगा था. इस केस में उन्होंने लंबा वक्त जेल में भी बिताया. इस मामले में ईडी और सीबीआई दोनों ने केस दर्ज किया था. ईडी ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था. उस समय वे मुख्यमंत्री थे. बाद में 13 जुलाई 2024 को उन्हें जेल से रिहाई मिली.
ये भी पढ़ें-‘जीवन पल-पल राष्ट्रसेवा के लिए..’, नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए क्या बोले अमित शाह?
23 आरोपी बनाए गए थे
दिल्ली की शराब नीति मामले में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी शामिल थे. दोनों को गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में जमानत मिल गई. अब कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. यह फैसला आम आदमी पार्टी और दोनों नेताओं के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने शुरू से ही खुद को निर्दोष बताया था.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



