Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

दिल्लीवालों की बल्ले-बल्ले, 7 लाइनों से सीधा कनेक्शन, इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर से दिल्ली की ट्रैवल होगी आसान

Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है. यह पूरी तरह भूमिगत होगा और मैजेंटा लाइन को सबसे लंबी मेट्रो लाइन बना देगा.

Delhi Metro Phase 4: दिल्लीवालों के लिए खुशखबरी है. दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन साइट पर इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया. यहां डायफ्राम वॉल निर्माण की शुरुआत की गई, जो इस कॉरिडोर का पहला चरण है.

मैजेंटा लाइन बनेगी सबसे लंबी

12.377 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूरी तरह भूमिगत होगा और मैजेंटा लाइन का विस्तार माना जाएगा. इसमें 10 आधुनिक भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद मैजेंटा लाइन करीब 89 किलोमीटर लंबी हो जाएगी, जिससे यह दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी.

स्टेशन कहां-कहां होंगे?

इस कॉरिडोर में इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खां पार्क, झंडेवालान मंदिर, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय और आईजी स्टेडियम जैसे स्टेशन बनाए जाएंगे.

सात लाइनों से इंटरचेंज

यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की सात प्रमुख लाइनों से जुड़ जाएगा. इंद्रलोक पर रेड और ग्रीन लाइन, नबी करीम पर मैजेंटा लाइन, नई दिल्ली पर येलो और एयरपोर्ट एक्सप्रेस, दिल्ली गेट पर वायलेट लाइन और इंद्रप्रस्थ पर ब्लू लाइन से सीधा इंटरचेंज मिलेगा.

प्रमुख जगहों तक आसान पहुंच

इस कॉरिडोर से सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली सचिवालय, झंडेवालान मंदिर, अरुण जेटली स्टेडियम, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल और सेंट्रल विस्टा जैसे स्थानों तक पहुंच आसान होगी. इससे सरकारी कर्मचारियों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा.

सराय रोहिल्ला बनेगा ट्रांजिट हब

सराय रोहिल्ला स्टेशन इस कॉरिडोर का अहम हिस्सा होगा. यह स्टेशन करोल बाग, देशबंधु गुप्ता रोड, लिबर्टी सिनेमा और आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इससे सार्वजनिक परिवहन और अधिक सुलभ होगा.

ये भी पढ़ें-3 साल बाद दिल्ली की हवा ‘गुड’, सांस लेना हुआ आसान, क्या ये राहत ज्यादा दिन टिकेगी?

परियोजना की समयसीमा

केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी. इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर दिसंबर 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital