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300 करोड़ की महाठगी! कंबोडिया से चल रहा था ‘गारंटीड मुनाफे’ का गंदा खेल, दिल्ली पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश

सोशल मीडिया विज्ञापनों, फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए “गारंटीड प्रॉफिट” का झांसा देकर दिल्ली पुलिस ने 300 करोड़ की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है.

रिपोर्ट- तनु


दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने “गारंटीड प्रॉफिट” के नाम पर देश भर के हजारों लोगों की कमाई पर डाका डाला है. यह किसी फिल्मी जालसाजी से कम नहीं है, जिसमें लुभावने विज्ञापन, फर्जी ऐप्स और कंबोडिया से जुड़े तार शामिल हैं. आइए जानते हैं कि कैसे यह गिरोह लोगों को कंगाल बना रहा था.

सोशल मीडिया पर बिछाया जाता था जाल

ठगी की शुरुआत आपके मोबाइल स्क्रीन से होती थी. फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर ऐसे विज्ञापन दिखाए जाते थे जिनमें लिखा होता था— “IPO में निवेश करें और पाएं 100% पक्का मुनाफा” या “घर बैठे ऑनलाइन ट्रेडिंग से कमाएं लाखों”. जैसे ही कोई जिज्ञासु व्यक्ति इन पर क्लिक करता, उसे ‘Ventura Securities’ या ‘Go Market Global’ जैसे भारी-भरकम नामों वाले टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया जाता था.

ये नाम असली कंपनियों से इतने मिलते-जुलते थे कि आम आदमी को शक ही न हो. ग्रुप में फर्जी ‘विशेषज्ञ’ टिप्स देते थे और कुछ लोग (जो गिरोह का ही हिस्सा होते थे) अपने मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट डालकर दूसरों को लालच देते थे.

फर्जी ऐप और भरोसे का खेल

एक बार जब शिकार जाल में फंस जाता, तो उसे एक खास ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है. यह ऐप प्ले स्टोर वाली असली ऐप नहीं, बल्कि ठगों द्वारा बनाई गई एक फर्जी विंडो थी. इसमें निवेश करने पर पीड़ित को अपने डैशबोर्ड पर मोटा मुनाफा दिखने लगता था.

भरोसा जीतने के लिए ये ठग शुरुआत में लोगों को छोटी रकम निकालने (Withdrawal) की अनुमति भी देते थे. लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति अपनी जमा-पूंजी या बड़ी रकम (जैसे 5-10 लाख रुपये) लगा देता, खेल बदल जाता था. पैसे निकालने के नाम पर टैक्स, एक्टिवेशन फीस और फाइल चार्ज जैसे बहाने बनाकर और पैसे वसूले जाते और अंत में पीड़ित को ग्रुप से ब्लॉक कर दिया जाता.

कोलकाता से लखनऊ तक छापेमारी

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर स्टेट सेल) ने जब इस मामले की तहकीकात शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं. पुलिस ने कोलकाता और लखनऊ में छापेमारी कर चार बड़े मोहरों— बिस्वजीत मंडल, आशिष अग्रवाल, राजिब शाह और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया है.

पूछताछ में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला था. इस गिरोह के तार कंबोडिया में बैठे मास्टरमाइंड्स से जुड़े हैं. भारत में मौजूद ये आरोपी ‘म्यूल अकाउंट्स’ (किराए के बैंक खाते) का इंतजाम करते थे. गिरोह ने 105 फर्जी कंपनियां बना रखी थीं जिनके नाम पर 260 से ज्यादा बैंक अकाउंट खोले गए थे.

ठगी का आंकड़ा सुनकर उड़ जाएंगे होश

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगाई है. देशभर में इनके खिलाफ 2,567 शिकायतें दर्ज हैं. पुलिस ने इनके पास से 39 मोबाइल फोन, 258 सिम कार्ड और 4 लैपटॉप बरामद किए हैं. साथ ही, करीब 19 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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