Fadnavis Diwali Farmer
Fadnavis Diwali Farmer: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दिवाली सिर्फ दीप जलाकर त्योहार नहीं मनाया, बल्कि एक किसान परिवार के सुख-दुख में सहभागी बनकर दीपावली की खुशियां साझा कीं. नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव में मुख्यमंत्री किसान रामभाऊ बालपांडे के घर पहुंचे. यहां उन्होंने परिवार के साथ भोजन किया, रात बिताई और सुबह नाश्ता भी किया. इस दौरान उन्होंने परिवार की नन्ही बच्ची नारायणी को गोद में लेकर दुलार भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवाली का असली अर्थ अपनों के साथ रहना और उनके सुख-दुख में सहभागी बनना है. किसान परिवार से मिला स्नेह और अपनापन उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा.
नन्ही नारायणी को गोद में लेकर खिलाया
इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार की नन्ही बच्ची नारायणी को गोद में लेकर उसके साथ भी कुछ पल बिताए. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्ची की मासूम आंखों और उसकी प्यारी बाल लीलाओं ने उनका मन प्रसन्न कर दिया. इस परिवार से मिला स्नेह और अपनापन उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा.
भारतमाता के प्रति समर्पण,
भाजपा के संस्कार,
आपकी सदैव प्रेरणा और मार्गदर्शन
और हमारे अन्नदाता के आशीर्वाद,
दीपावली का और दूसरा भला क्या अर्थ होगा?
प्रेरक शब्दों के लिए आपका हृदयपूर्वक धन्यवाद मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी 🙏@narendramodi
#Maharashtra #Nagpur #DiwaliWithFarmers— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) November 8, 2026
सूखे से परेशान किसानों को राहत, बोरवेल प्रतिबंध हटाने का फैसला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दौरान किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा की. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार किसानों, मजदूरों और गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.फल उत्पादक किसानों की फसलों को सूखे से बचाने के लिए सरकार ने बोरवेल पर लगी पाबंदी हटाने का निर्णय लिया है. सिंचाई और बागवानी करने वाले किसानों को राहत देने के उद्देश्य से 15 दिसंबर तक बोरवेल पर प्रतिबंध हटाया जाएगा. इससे किसान जमीन के भीतर मौजूद पानी का उपयोग खेती के लिए कर सकेंगे.मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मदद और उनकी फसलों को बचाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है.
पीएम मोदी के प्रेरक शब्दों के लिए जताया आभार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक शब्दों के लिए उनका हृदयपूर्वक आभार जताया. उन्होंने कहा कि भारतमाता के प्रति समर्पण, भाजपा के संस्कार, प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन और अन्नदाता का आशीर्वाद ही दीपावली का वास्तविक अर्थ है.फडणवीस की किसान परिवार के साथ यह दिवाली एक तरफ आत्मीयता और भावनात्मक जुड़ाव की तस्वीर पेश करती है, तो दूसरी तरफ सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए राहत के फैसले भी सामने लाती है. किसान के घर रात बिताकर मुख्यमंत्री ने त्योहार की खुशियां साझा करने के साथ ही अन्नदाता के प्रति सम्मान और उनकी समस्याओं के समाधान का संदेश भी दिया.
भारत एक्स्प्रेस
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