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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का हमला, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- छात्रों के संघर्ष के आगे झुकी केंद्र सरकार

जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधान के इस्तीफे को करोड़ों युवाओं की जीत बताया है.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. विपक्षी दलों ने इसे छात्रों की एकजुटता, लोकतांत्रिक संघर्ष और लगातार बनाए गए दबाव का नतीजा बताया. कांग्रेस से लेकर एनसीपी (एसपी) तक कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं की जीत करार दिया.

युवाओं की आवाज सत्ता तक पहुंची- खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि लंबे समय से देशभर के छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे और आखिरकार उनकी यह आवाज सत्ता के दरवाजे तक पहुंच गई. उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि उन लाखों-करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष किया.

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब सरकार को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया और मांग की कि जिन लोगों ने आंदोलनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं.

लोकतंत्र की ताकत का उदाहरण- शरद पवार

एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने भी इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों ने लगातार 28 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष किया और अपनी मांगों पर डटे रहे. उनके मुताबिक, यह आंदोलन इस बात का उदाहरण है कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज आखिरकार असर डाल सकती है.

पवार ने कहा कि सरकार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए मजबूर करना आसान नहीं होता, लेकिन छात्रों की एकता और दृढ़ संकल्प ने यह कर दिखाया. उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं के साथ-साथ उन विपक्षी सांसदों का भी आभार जताया जिन्होंने संसद और सड़क दोनों जगह छात्रों का समर्थन किया.

सुप्रिया सुले ने उठाई शिक्षा सुधार की मांग

एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लगातार हो रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और विपक्ष के दबाव का परिणाम है. उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों और प्रदर्शनकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इसे अंतिम पड़ाव नहीं माना जाना चाहिए.

उन्होंने जोर देकर कहा कि अब असली जरूरत जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने और संसद में नीट से जुड़े पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा कराने की है. उनके अनुसार, केवल इस्तीफा काफी नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में छात्रों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े.

केसी वेणुगोपाल ने बताया जनता की जीत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने भी इस पूरे घटनाक्रम को देश के युवाओं और आम जनता की जीत बताया. उन्होंने कहा कि छात्रों की एकजुटता और लगातार बने दबाव ने सरकार को यह कदम उठाने पर मजबूर किया. उन्होंने याद दिलाया कि नीट पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद से ही कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे.

वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष शुरू से ही जवाबदेही की मांग को लेकर एकजुट रहा और छात्रों के मुद्दे को संसद से लेकर सड़कों तक लगातार उठाता रहा. उनका कहना था कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रहेगा.

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर भी उठी मांग

विपक्षी नेताओं ने इस मौके पर आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार का भी मुद्दा उठाया. उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कहीं अनावश्यक बल प्रयोग हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही छात्रों को हुई परेशानियों के लिए सरकार से सार्वजनिक माफी की भी मांग दोहराई गई.

विपक्ष का कहना है कि यह मामला केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है. उनका दावा है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों का भरोसा बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. नेताओं ने कहा कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों पर बढ़ते दबाव में कमी और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी.

ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने कहा- ‘यह लोकतंत्र की जीत, अब जवाबदेही के बाद सुधारों की बारी’

-भारत एक्सप्रेस



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