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हिमाचल प्रदेश के चंबा में हिली धरती, दो झटकों से थर्राया पूरा इलाका, 4.0 रही तीव्रता

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में गुरुवार की सुबह 4 बजकर 39 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 दर्ज की गई.

Earthquake से थर्राया हिमाचल प्रदेश का चंबा जिला

चंबा में भूकंप के झटके महसूस किए गए.

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में गुरुवार की सुबह 4 बजकर 39 मिनट पर भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 दर्ज की गई. इससे पहले 3 बजकर 27 मिनट पर पहला झटका महसूस किया गया था. हालांकि अब तक किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.

ये भूकंप ऐसे समय में आया है, जब हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं की मार पहले से झेल रहा है. बादल फटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. पहले उत्तराखंड के धराली और हर्षिल से लेकर कुल्लू तक बादल फट रहे हैं.

असम में आया था Earthquake

बता दें कि इससे पहले 18 अगस्त को असम के नागांव जिले में 4.3 तेजी का भूकंप (Earthquake) आया था.. ये भूकंप तेजपुर से करीब 40 किमी दूर और 35 किमी की गहराई पर दर्ज किया गया. बताया जा रहा है कि भूकंप दोपहर को 12 बजकर 9 मिनट पर महसूस किया गया. वहीं इससे पहले 17 अगस्त रविवार को राजस्थान के चुरू में भी 3.1 तीव्रता वाला भूकंप दर्ज किया गया था.

11 अगस्त को तुर्की के उत्तर-पश्चिमी प्रांत बालिकेसिर में 6.1 तीव्रता का भूकंप (Earthquake) आया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई इमारतें जमींदोज हो गई थी.

यह भी पढ़ें- असम में महसूस किए गए Earthquake के झटके, 4.8 रही रिक्टर स्केल पर तीव्रता

3 अगस्त को प्रशांत महासागर में रूस के कामचटका प्रायद्वीप पर 6.8 तीव्रता का झटका (Earthquake) महसूस किया गया था. यह भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 5 बजकर 37 मिनट पर आया था. यह क्षेत्रीय राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से 277 किलोमीटर दूर, 26 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था.

क्यों आते हैं भूकंप?

आखिर भूकंप क्यों आते हैं? इसको समझने के लिए सबसे पहले पृथ्वी की संरचना को जानना जरूरी है. हमारी पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेट्स पर स्थित है. इन प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ लावा है. जिसपर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती हैं. कई बार ऐसा होता है कि ये प्लेटें आपस में टकरा जाती हैं. बार-बार टकराने से इन प्लेट्स के कोने सिकुड़ जाते हैं या फिर टूटने लगते हैं. जिससे नीचे से निकली ऊर्जा बाहर निकलने के लिए रास्ते खोजती है. जिसमें डिस्टर्बेंस होता है और इसी के बाद भूकंप (Earthquake) की स्थिति पैदा होती है.

Earthquake के समय क्या करें?

खुले मैदान में चले जाएं और इमारतों से दूर रहें.

टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें और सिर को किसी तकिये या हाथ से ढक लें.

लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों का सहारा लें.

बिजली के तारों, पेड़ों और ऊंची इमारतों से दूर रहें.

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-भारत एक्सप्रेस



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